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चोर नही आ रहे चोरी करने से बाज, हरिपुरा में दो सर्राफा दुकानों से जेवरात और नकदी चुराकर भागे वर्ग सहमा

पुनित चपलोत
भीलवाड़ा । जिले में चोरी की वारदाते थमने का नाम ही नहीं ले रही है ,चोर एक के बाद एक चोरी की वारदातों को अंजाम दे कर पुलिस को ठेंगा बता रहे है, वहीं पुलिस इन वारदातों पर अंकुश लगाने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। ऐसी ही दो वारदात मांडल थाने के हरिपुरा चौराहे पर हुई, जहां चोरों ने दो सर्राफा शॉप को निशाना बनाते हुये उनमें रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर अपना हाथ साफ कर लिया। वारदात के बाद क्षेत्रीय व्यापारी सहमे हुये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगवानपुरा निवासी दीपक पुत्र लक्ष्मीलाल सोनी की हरिपुरा चौराहे पर एसबीआई बैंक के पास मामा देव ज्वैलर्स के नाम से दुकान हैं। दीपक, शुक्रवार शाम शॉप का शटर डाउन कर घर भगवानपुरा चला गया। इसके बाद शनिवार सुबह दीपक के मोबाइल पर नगजीराम माली का फोन आया कि मामा देव ज्वलैर्स में चोरी हो गई है। इस सूचना पर दीपक सोनी दुकान पर पहुंचा। जहां दुकान का शटर खुला था और ताले टूटे हुए मिले। सार-संभाल करने पर दुकान से डेढ किलो चान्दी के पायजैब, अंगुठियां व सोने के 5 ग्राम के मान्दलिया व चार हजार रूपये की नकदी गायब मिले। दीपक ने मांडल पुलिस को चोरी रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि सीसी टीवी फुटेज खंगाले तो पता चला कि रात डेढ़ बजे चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। चोरों की संख्या 4 थी। चोर दुकान के बाहर ईटे, लोहे का पाईप व लडकी का पाट्या जल्दबाजी में वही छोडक़र चले गये । इसी तरह हरिपुरा चौराहे पर ही एसआर पंप के पास मुकेश गुर्जर की श्रीदेव ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। गुर्जर शुक्रवार शाम अपने दुकान बंद कर गांव नारायणपुरा चला गया। शनिवार सुब उसे कालु कुमावत का फोन आया। कुमावत ने दुकान मे चोरी की सूचना परिवादी को दी। इसके बाद गुर्जर ने दुकान पर पहुंच कर सार-संभाल की तो शटर खुला था। अंदर से दो किलो चान्दी के पायजब, अंगुिठया व सोने के 60 ग्राम के मान्दलिया व सौ रूपये नकद गायब मिले। गुर्जर का कहना है कि नकदी व जेवरात चोर चुरा ले गये। पुलिस ने दीपक सोनी और मुकेश गुर्जर संयुक्त रिपोर्ट पर केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी।

30 किलोमीटर का कुल एरिया, एक चौकी वो भी एक दीवान और सिपाही के भरोसे

हरिपुरा में कहने को पुलिस की अस्थाई चौकी तैनात है। लेकिन यह। एक दीवान और सिपाही तैनात है। जबकि चार पंचायतों का करीब 30 किलो मीटर का बड़ा एरिया है और भीलवाड़ा-आसींद, भीलवाड़ा करेड़ा जैसे हाइवे भी इसी क्षेत्र में हैं, जहां आये दिन दुर्घटना भी होती रहती है। सूत्रों की माने तो चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों के पास कोई संशाधन भी नहीं है। ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था कैसे संभव हो सकती है। ग्रामीणों ने पुलिस के आला अधिकारियों से चौकी पर जाब्ता बढ़ाने व संशाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।

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