मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर जलभराव वाले क्षेत्रों में डेंगू-मलेरिया रोकथाम के लिए चला सघन अभियान

घर-घर सर्वे कर एंटी लारवल एवं एंटी एडल्ट मच्छर गतिविधियां की संपादित*

*जागरूकता फैलाकर, पॉजिटिव कंटेनरों को मौके पर ही कराये खाली*

भीलवाड़ा, 23 अगस्त। स्मार्ट हलचल|बारिश के बाद विभिन्न क्षेत्रों में पानी एकत्रित होने से मच्छरों के प्रजनन की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सघन एंटी लारवल एवं एंटी एडल्ट मच्छर गतिविधियां संचालित की गईं। जिले के समस्त चिकित्सा संस्थानों के अधीन आने वाले क्षेत्रों मे ड्राई – डे मनाकर लोगों को घरों एवं आसपास पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक किया गया।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर सर्वे कर कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने बर्तनों एवं अन्य जल पात्रों की जांच की गई। जिन पात्रों में लार्वा पाया गया, उन्हें मौके पर ही खाली करवाकर पानी का निस्तारण किया गया। अनुपयोगी एवं लार्वायुक्त पानी को तत्काल हटवाकर संबंधित स्थानों की सफाई करवाई गई।

*लार्वा वाले खड्डों और तालाबों में किया एंटी लारवल उपचार*

चिन्हित लार्वा वाले खड्डों, तालाबों एवं अन्य जलभराव वाले स्थानों पर एंटी लारवल गतिविधि के तहत काला तेल डाला गया, ताकि मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोका जा सके। साथ ही आवश्यकता वाले क्षेत्रों में एंटी एडल्ट मच्छर गतिविधियां भी संचालित की गईं।

*घर-घर सर्वे कर बुखार रोगियों की हुई जांच*

स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर सर्वे के दौरान बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान की तथा आवश्यकतानुसार ब्लड स्लाइड लेकर मौके पर ही प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध करवाया गया। लोगों को बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं उपचार करवाने की सलाह दी गई।

*जलभराव रोकना ही मच्छर नियंत्रण का सबसे प्रभावी उपाय*

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. प्रवीण झरवाल ने बताया कि बारिश के मौसम में जलभराव मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। इसलिए पानी जमा होने से रोकें, मच्छरों की बढ़ोतरी पर प्रभावी अंकुश लगाएं और डेंगू, मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से मिलकर बचाव करें।

सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने आमजन से अपील की है कि बारिश के बाद घरों एवं आसपास कहीं भी पानी एकत्रित न होने दें। कूलर का पानी नियमित रूप से खाली कर साफ करें, पानी की टंकियों को ढककर रखें तथा गमलों, टायर, डिब्बों और अन्य छोटे जल पात्रों में पानी जमा न होने दें।