नीरज मीणा
महवा।स्मार्ट हलचल/पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय महवा में कार्यरत ओमप्रकाश मीणा ने अपने दिवंगत पिता स्वर्गीय जयलाल मीणा की छठी पुण्यतिथि को पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित करते हुए कार्यालय परिसर में 61 छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधों का वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज को पर्यावरण बचाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश भी दिया।
ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि वे अपने माता-पिता की पुण्यतिथि केवल औपचारिक रूप से नहीं मनाते, बल्कि हर वर्ष शिक्षा, स्वास्थ्य या पर्यावरण जैसे जनहित के क्षेत्रों में कोई न कोई रचनात्मक कार्य करके उनकी स्मृति को जीवंत रखते हैं। इसी संकल्प के तहत इस वर्ष उन्होंने पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय महवा परिसर को और अधिक हराभरा बनाने के उद्देश्य से 61 पौधों का रोपण किया।
वृक्षारोपण अभियान के दौरान 15 पॉपुलर, 5 नीलगिरी, 2 कदम्ब, 2 अर्जुन, 2 शहतूत, 2 पलाश, 2 अमलतास, 2 गुलमोहर, 1 नीम-गिलोय, 1 सहजन, 1 इमली, 1 कटहल, 15 बोगनवेलिया तथा 10 गुलाब के पौधे लगाए गए। इन पौधों में छायादार, फलदार, औषधीय एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों को शामिल किया गया है।
गौरतलब है कि ओमप्रकाश मीणा इससे पहले भी पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय महवा परिसर में सैकड़ों फलदार एवं छायादार पौधे लगा चुके हैं। उन्होंने केवल पौधे लगाने तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि नियमित देखभाल और संरक्षण के माध्यम से उन्हें बड़े वृक्षों के रूप में विकसित किया है। आज कार्यालय परिसर एक सुंदर और हराभरे बगीचे का स्वरूप ले चुका है, जो आने वाले लोगों को स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण का अनुभव कराता है।
इस अवसर पर ओमप्रकाश मीणा ने कहा कि “जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में एक भी पौधा नहीं लगाया, वह दूसरों के लगाए वृक्षों की ऑक्सीजन पर जीवित रहता है और पर्यावरण का ऋणी होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम उतने पौधे अवश्य लगाने चाहिए, जितनी ऑक्सीजन वह प्रकृति से प्राप्त करता है।”
उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पुण्यतिथि अथवा अन्य विशेष अवसरों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उनका कहना है कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कुछ पौधे भी लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हराभरा वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।
यह पहल न केवल स्वर्गीय जयलाल मीणा को सच्ची श्रद्धांजलि है, बल्कि समाज के लिए पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक संदेश भी दिया गया है।
