शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
कोटडी-स्मार्ट हलचल|मेवाड़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कोटडी कस्बे में आगामी धनतेरस के पावन पर्व पर एक बार फिर आस्था और कला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। दीपावली के अवसर पर क्षेत्र में एक निर्माणाधीन विशाल मिट्टी का दीपक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस विशाल दीपक को ग्रामीण महिलाओं द्वारा पीली मिट्टी और गाय के गोबर के लेप से सँवारकर फाइनल निखार दिया जा रहा है, जिससे इसे पारंपरिक और सुंदर रूप मिल रहा है।
विशेषताएँ और कलाकारी:
इस वर्ष मुख्य विशाल दीपक के साथ-साथ 21 इंच और 11 इंच के आकार वाले चार अन्य आकर्षक दीपक भी तैयार किए गए हैं। इन सभी दीपकों को अंतिम रूप देने के बाद क्षेत्र के पेंटर अनिल पारीक द्वारा पारंपरिक और आकर्षक चित्रकारी की जाएगी, जो इनकी खूबसूरती में चार चाँद लगाएगी।
इस्तेमाल की गई सामग्री
इस विशाल संरचना को मजबूती और पारंपरिक स्वरूप देने के लिए विशेष सामग्रियों का उपयोग किया गया है, जिसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
2100 मिट्टी की ईंटें, एक ट्रॉली पीली मिट्टी, गाय का गोबर
6 नवंबर धनतेरस पर होगा प्रज्वलन:
यह भव्य और विशाल दीपक आगामी 6 नवंबर को धनतेरस के पावन पर्व पर प्रज्वलित किया जाएगा। परंपरा के अनुसार यह दीपक देवउठनी एकादशी तक लगातार अखंड रूप से प्रज्वलित होता रहेगा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है।