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बकानी क्षेत्र में गौसेवक संत पं. कमलकिशोर जी नागर की कथा 15 जनवरी से

कोटा, 7 जनवरी। स्मार्ट हलचल|सरस्वती के वरद पुत्र, मालवा के लोकप्रिय गौ सेवक संत पूज्य पं. कमल किशोर जी नागर के मुखारविंद से आगामी 15 से 21 जनवरी तक बकानी से एक किमी दूर थोबड़िया खुर्द गांव में श्रीमद् भागवत कथा का विराट आयोजन किया जाएगा।कथा आयोजक गौसेवक मोहनलाल मदनलाल विश्वकर्मा ने बताया कि 7 जनवरी को कथा भूमि पर गणेश पूजन एवं बजरंग बली का विधिवत पूजन होगा। उसके बाद 20 बीघा खेत में विराट कथा पांडाल, यातायात व पार्किंग व्यवस्था, आवास, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, सुरक्षा, पूछताछ समितियां गठित कर बड़े स्तर पर तैयारियां प्रारंभ की जा रही है।

भूमि पूजन के पश्चात राजस्थान के हाड़ौती में कोटा, मोड़क, चेचट, रामगंजमंडी, झालावाड़, झालरापाटन, भवानीमंडी, रायपुर, पिड़ावा, सुनेल, बकानी, अकलेरा, मनोहरथाना, असनावर एवं मालवा के राजगढ़, ब्यावरा, पचोर, खिलचीपुर, जीरापुर, माचलपुर, गागरोनी सहित आसपास के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में गौभक्तों को पीले चांवल भेजकर कथा सुनने लिए न्यौता दिया जायेगा।

222 गौशालाओं में गौ सेवा –
बकानी के गौसेवक धनराज राठौर ने बताया कि पूज्य संत नागरजी की प्रेरणा से हाड़ौती एवं मध्यप्रदेश में 222 गौशालाये जनसहयोग से सुचारू ढंग से संचालित की जा रही है। इनमें निशक्त एवं बीमार गौवंश की देखभाल एवं सेवा भी की जा रही है।
पांच वर्ष बाद राजस्थान में होगी कथा –
उन्होंने बताया कि 5 वर्ष बाद राजस्थान के गोभक्तो को पूज्य पं.नागर जी के ओजस्वी प्रवचन सुनने को मिलेंगे। बकानी में गुरुदेव की कथा 20 साल बाद होने से सूचना मिलते ही बकानी के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में जबरदस्त उत्साह एवं उत्सव का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि पूज्य नागरजी की प्रेरणा से गौभक्तों ने मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्र झबुआ जिले के गांवों में राम – कृष्ण के कई मंदिर बनवाने में तन-मन-धन से सहयोग किया हैं। सनातन धर्म में आस्था बढ़ने से आदिवासियों के धर्मांतरण पर भी रोक लगी है।

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