भीलवाड़ा में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने की तैयारी, 8 नए खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात

‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान को मिलेगी ताकत; होटल-रेस्टोरेंट से लेकर मिठाई, किराना और खाद्य इकाइयों तक बढ़ेगी जांच

भीलवाड़ा (महेन्द्र नागौरी)
स्मार्ट हलचल|खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ताहीन सामग्री की बिक्री पर लगाम कसने के लिए जिले में अब खाद्य सुरक्षा विभाग का निगरानी तंत्र और मजबूत होगा। भीलवाड़ा को एक साथ 8 नए खाद्य सुरक्षा अधिकारी मिले हैं। नई नियुक्तियों के बाद खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, नमूनीकरण और मिलावट के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि आयुक्तालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान, जयपुर के आदेश के तहत इन अधिकारियों को जिले में पदस्थापित किया गया है।
ये 8 अधिकारी संभालेंगे खाद्य सुरक्षा की कमान
नव नियुक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारियों में साक्षी जैन, अंकित शर्मा, पवन कुमार, कुलदीप चौधरी, नीरज कुमार मीणा, विजय मेहता, संजय वर्मा एवं शाहरुख हुसैन शामिल हैं।
अब बढ़ेगी प्रतिष्ठानों की निगरानी:-
नई तैनाती के बाद होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, किराना प्रतिष्ठान, खाद्य निर्माण इकाइयों सहित अन्य खाद्य कारोबारियों के यहां निरीक्षण और खाद्य पदार्थों के नमूने लेने की कार्रवाई को मजबूती मिलेगी।
मिलावटी, नकली या मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कार्रवाई के लिए विभाग की पहुंच भी बढ़ेगी। खासकर त्योहारों और मांग बढ़ने वाले सीजन में यह व्यवस्था मिलावटखोरों पर दबाव बढ़ा सकती है।
40 दिन की ट्रेनिंग के बाद मैदान में उतरेंगे अधिकारी
सीएमएचओ के अनुसार राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर की खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती वर्ष 2019 एवं 2022 के तहत चयनित अभ्यर्थियों को FSSAI के नियमानुसार 40 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा कराने के बाद जिले में पदस्थापित किया गया है।
इन अधिकारियों की नियुक्ति खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं विनियम 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए की गई है।
मिलावट के खिलाफ कार्रवाई को मिलेगी धार:-
जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संख्या बढ़ने से अब विभाग के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी कि यह नई ताकत कागजों और निरीक्षण रजिस्टर तक सीमित न रहकर जमीन पर दिखाई दे। मिलावट के खिलाफ नियमित सैंपलिंग, अचानक निरीक्षण और दोषी पाए जाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई ही इस अभियान की असली सफलता तय करेगी।
8 नए अधिकारी आए हैं तो अब भीलवाड़ा के खाद्य कारोबारियों की निगरानी बढ़ना तय है—मिलावटखोरों के लिए यह तैनाती खतरे की घंटी साबित हो सकती है।