दादूराम-सत्यराम के जयघोष से गूंजा सांगानेर, सवाई गेटोर से चक गेटोर तक निकली ऐतिहासिक दादूवाणी शोभायात्रा

भगवा ध्वज, तलवारबाजी, कलश धारी मातृशक्ति और करतबबाजों ने बांधा समा, आचार्य स्वामी ओमप्रकाश दास जी महाराज के प्रवचन के बाद हजारों ने लिया भंडारे का प्रसाद

भरत देवड़वाल

सांगानेर।स्मार्ट हलचल|सांगानेर क्षेत्र प्रताप नगर, महाराणा प्रताप सर्किल के पास स्थित श्री दादू दयाल मंदिर, चक गेटोर में मंगलवार को श्रीमद् दादूवाणी की शोभायात्रा, कलश यात्रा एवं विशाल भंडारा कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम श्री दादू सम्प्रदायाचार्य श्री श्री 1008 स्वामी ओमप्रकाश दास जी महाराज, मुख्यपीठ नारायणा धाम के पावन सानिध्य में आयोजित हुआ।

सुबह 8:15 बजे दादूद्वारा से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सवाई गेटोर गांव के प्राचीन ‘दादू द्वारा’ मंदिर से हुई। । यहां गुलाबी पगड़ी, सफेद धोती-कुर्ता और भगवा दुपट्टा पहने बुजुर्ग सेंकड़ों भक्तजनों ने संतों का स्वागत किया और फिर दादूवाणी ग्रंथ को फूलों से सजे रथ पर विराजमान कर शोभायात्रा रवाना की।

शोभायात्रा के 4 मुख्य आकर्षण जो बने चर्चा का केंद्र:

युवाओं में दिखा जोश, हाथों में भगवा ध्वज और तलवार:

यात्रा के अग्रिम भाग में सैकड़ों युवा सफेद वस्त्र और भगवा दुपट्टा पहने, हाथों में भगवा झंडे और तलवारें लेकर ‘जय दादूराम’ के नारे लगाते चल रहे थे। कई युवाओं ने संत दादू की तस्वीर वाली भगवा टी-शर्ट पहन रखी थी। पीछे JCB मशीन पर खड़े युवक भी ध्वज लहरा रहे थे, जिससे पूरे मार्ग में उत्साह का माहौल रहा।

. दादू भक्त करतबबाजों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब:

यात्रा के बीच दो युवाओं ने पारंपरिक लोक कला का प्रदर्शन किया। एक युवक ने आग के छल्लों के बीच से निकलने और दूसरे ने लाठी से हैरतअंगेज करतब दिखाए। इसे देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने मोबाइल में कैद किया।

.हजारो की तादाद मातृशक्ति की कलश यात्रा बनी आस्था की प्रतीक:

सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर नारियल, आम के पत्ते और गेंदे के फूलों से सजे कलश धारण कर रखे थे। लाल-पीले रंग की राजस्थानी पोशाक पहने महिलाएं बाजार से गुजर रही थीं, जो बाजार में खरीदारी कर रहे लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनीं। पीछे सुसज्जित ट्रक पर संत दादू की बड़ी तस्वीर लगी थी।

4. दादूद्वारा पर पुष्पवर्षा से स्वागत: दोपहर 12:15 बजे जब यात्रा चक गेटोर दादू मंदिर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मंदिर परिसर में लगे पोस्टर पर संत दादू और आचार्य जी की तस्वीर लगी थी।

संत दादूदयाल जी की वाणी सत्य, प्रेम और समानता का देती है संदेश

महाआरती के बाद दोपहर 1 बजे स्वामी ओमप्रकाश दास जी महाराज ने प्रवचन दिया। उन्होंने कहा, “संत दादूदयाल जी की वाणी सत्य, प्रेम और समानता का संदेश देती है। आज के भौतिक युग में दादूवाणी ही शांति का मार्ग दिखा सकती है।”

दोपहर 2 बजे से मंदिर परिसर में विशाल भंडारे (सामूहिक पंगत महाप्रसादी) का आयोजन शुरू हुआ जो देर रात्रि तक चलता रहा। आयोजकों के अनुसार लगभग 5 से 7 हजार लोगों ने प्रसादी ग्रहण की।

व्यवस्था में इनका रहा विशेष योगदान:

कार्यक्रम को सफल बनाने में, पंच-पटेलों स्थानीय चक गेटोर वासियों का व प्रताप नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष लालाराम उर्फ रितेश मीणा, समाजसेवी रामेश्वर प्रसाद डेबल्या, रामलाल ढड्डा, लालचंद भोपा, दिनेश सवाई, एडवोकेट पांचू राम मीणा स्थानीय निवासी हंसराज बढ़गोती, राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष पूर्व प्रत्याशी रहे कोंग्रेस नेता दीपक कुमार मीणा, रामकिशोर मीणा,कजोड़ मल सैनी, घनश्याम सैनी सहित समस्त दादू दयाल भक्तजन, गांव चक सवाई गेटोर का सराहनीय सहयोग रहा।

अंत में आयोजक मंडल स्थानीय चक गेटोर वासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सभी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।