दो जिंदगियों को रोशन कर गई नेत्रदानी दाखा बाई, इन्द्रगढ़ मे पांचवी बार हुआ सफल नेत्रदान

इन्द्रगढ़ – स्मार्ट हलचल।कस्बे में शनिवार को नेत्रदान हुआ जिससे दो व्यक्तियों की जिंदगी रौशन हुई।
कोई शख्शियत मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन को प्रकाश से भर देता ऐसा ही एक उदाहरण शनिवार को इन्द्रगढ़ मे देखने को मिला। इन्द्रगढ़ निवासी दाखा बाई सैनी की शनिवार तड़के हृदय गति रुक जाने से मृत्यु हो गई दाखा बाई सैनी के पति प्रेमशंकर सैनी व पुत्र पिंटू सैनी (पत्रकार) की इच्छा से दाखा की मृत्यु के बाद नेत्रदान किया गया
जानकारी के अनुसार दाखा बाई सैनी की मृत्यु के बाद परिजनों की सूचना पर कोटा से आई विशेष चिकित्सा टीम द्वारा प्रातः 08.30 बजे सफल नेत्रदान की प्रकिया पूरी की गई। नेत्रदान के लिए आई टीम के चिकित्सक ने बताया कि नेत्रदान की प्रकिया मे पार्थिव शरीर मे से दोनों नेत्र की कार्निया को निकालकर किसी जरूरतमंद अन्य दो व्यक्तियों को लगाया जाता है जिससे दो व्यक्तियों के जीवन को प्रकाश मिलता है अतः अधिक संख्या मे नेत्रदान करना चाहिए। इससे पूर्व भी इन्द्रगढ़ मे चार बार नेत्रदान किया जा चुका है लेकिन चारों बार नेत्रदान जैन समाज के लोगों द्वारा किया गया था जैन समाज के अलावा किसी अन्य समाज द्वारा यह इन्द्रगढ़ क्षेत्र में प्रथम नेत्रदान है
नेत्रदान के बाद प्रातः 10 बजे परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।