दाता का खेड़ा में चारागाह भूमि पर अवैध कब्जों से ग्रामीण परेशान, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

भीलवाड़ा। जिले के पुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दाता का खेड़ा (पोस्ट-सेतुरिया) में चारागाह भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में लगभग 200 बीघा चारागाह भूमि आवंटित है, जिसमें से 100 बीघा से अधिक भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कब्जाधारियों को कई बार समझाने और पंचायत स्तर पर प्रयास करने के बावजूद उन्होंने भूमि खाली नहीं की। इसके कारण गांव में पशुओं के चरने के लिए उपलब्ध भूमि लगातार कम होती जा रही है, जिससे पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार चारागाह भूमि पर खेती और अन्य गतिविधियां किए जाने से पशुओं के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। गांव के पशुपालकों का कहना है कि पशुओं के दैनिक पालन-पोषण और चराई के लिए पर्याप्त भूमि नहीं बची है, जिससे उनकी आजीविका भी प्रभावित हो रही है।

इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा पूर्व में भी कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अवैध कब्जों को तत्काल हटाने और चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि चारागाह भूमि गांव की सामुदायिक संपत्ति है और इसका संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी है।

ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अवैध कब्जों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने तथा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।