गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर 6 जून को इटावा आएंगे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

इटावा।स्मार्ट हलचल।गौवंश संरक्षण और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर देशव्यापी जनजागरण अभियान चला रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 6 जून को इटावा पहुंचेंगे। उनकी 81 दिवसीय गविष्टी यात्रा के इटावा आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज ने यात्रा के उद्देश्य, कार्यक्रम और स्वागत व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।
महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज ने बताया कि वर्तमान समय में गौवंश संरक्षण एक राष्ट्रीय विषय बन चुका है। इसी उद्देश्य से ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा भीषण गर्मी के बीच 81 दिवसीय गविष्टी यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा गोरखपुर से प्रारंभ हुई है और विभिन्न जनपदों से होते हुए 6 जून को इटावा पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौमाता के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, गौवंश की रक्षा के लिए जनसमर्थन जुटाना तथा गौहत्या पर प्रभावी रोक लगाने की मांग को मजबूत करना है। इसके साथ ही गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर भी जनमत तैयार किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि शंकराचार्य जी का इटावा आगमन धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके स्वागत को लेकर जिले भर के संत-महात्माओं, गौभक्तों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में उत्साह का माहौल है। यात्रा के स्वागत और विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी आयोजक मंडल तथा विधानसभा प्रभारी आयुष चौधरी को सौंपी गई है।
विधानसभा प्रभारी आयुष चौधरी ‘रेशू’ ने बताया कि 6 जून को जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज का स्वागत सागर होटल से किया जाएगा। इसके बाद उनका काफिला आईटीआई चौराहा, एसएसपी चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए टिक्सी मंदिर के सामने स्थित ऐतिहासिक बिट्ठल आश्रम पहुंचेगा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बिट्ठल आश्रम में धार्मिक कार्यक्रम एवं संत सम्मेलन आयोजित होगा, जहां गौसंरक्षण और राष्ट्रमाता अभियान को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके पश्चात शहर के एक अन्य गार्डन में भी कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी एवं गौभक्त शामिल होंगे। इटावा के कार्यक्रमों के उपरांत शंकराचार्य जी बकेवर के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां यात्रा के अगले चरण के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों का कहना है कि गवेष्टी यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गौवंश संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का एक व्यापक अभियान है। यात्रा के माध्यम से देशभर में गौशालाओं की स्थिति, निराश्रित गौवंश की समस्या तथा गौसंरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के इटावा आगमन को लेकर जिले के संत समाज, गौसेवा संगठनों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर गौसंरक्षण के इस जनजागरण अभियान का हिस्सा बनने की अपील की है।