मीणा समाज के देवडवाल गोत्र सद्भावना आस्था मेले के लिए बाढ़ छौरिया से 19वीं विशाल पदयात्रा रवाना, 11 अक्टूबर को क्यारा (झोल) पहुंचेगी

भरत देवड़वाल

निवाई।स्मार्ट हलचल|निवाई उपखंड क्षेत्र के ग्राम बाढ़ छौरिया के तत्वावधान में मीणा समाज के देवड़वाल गोत्र के आराध्य कुल देव श्री श्री 1008 नायल भौमिया बाबा क्यारा (झोल), जमवारामगढ़, जयपुर के लिए 19वीं विशाल पदयात्रा शुक्रवार को जयकारों के साथ रवाना हुई।सुबह 11 बजे नायल भौमिया बाबा प्रांगण बाढ़ छौरिया में ध्वज की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद “जय श्री भौमियाजी महाराज, जय नायल भौमिया बाबा” के जयकारों के साथ पदयात्रियों का जत्था डीजे की धुन पर नाचते-गाते रवाना हुआ।

*यात्रा का रूट और पड़ाव —*

पदयात्रा बाढ़ छौरिया से सुनारा, सुनारी, सूरियां, हिनोतिया, माधोसिंहपुरा, चाकसू रेलवे स्टेशन होते हुए चाकसू शहर, फागी मोड़, पुराने टोंक रोड से शील की डूंगरी स्थित शीतला माता मंदिर धर्मशाला में शुक्रवार रात्रि विश्राम, भोजन प्रसादी और भजन संध्या कार्यक्रम आयोजित होगा।

शनिवार सुबह यात्रा पुनः रवाना होकर खाजलपुरा, भादड़वास, सांभरिया के आगे बगीची में दोपहर भोजन के बाद बस्सी होते हुए शनिवार शाम को घाटा बैनाड़ा श्रीजी पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम रहेगा।

मुकेश मीणा टिकरिया लालसोट की ओर से शनिवार रात्रि को घाटा बैनाड़ श्रीजी के दंगल कार्यक्रम रहेगा जिसमें आदिवासी समाज के प्रसिद्ध गायक कलाकार विष्णु मीणा पातलवास, रामनाथ ड्राइवर रेलवे ठीकरिया, राकेश बटवाडी, सुरेश देवड़वाल सहित कहीं सुप्रसिद्ध व स्थानीय गायक कलाकारों द्वारा देवड़वाल गोत्र की उत्पत्ति व इतिहास पर रंगारंग सांस्कृतिक धरोहर की प्रस्तुति दीं जाएगी,।

*प्रथम नवरात्रि पर पहुंचेगी क्यारा झोलनगरी —*

रविवार, 11 अक्टूबर प्रथम नवरात्रि को यह पदयात्रा घाटा बैनाड़ा श्रीजी से रवाना होकर भावपुरा होते हुए ग्राम पंचायत मानोता, तहसील जमवारामगढ़ स्थित क्यारा (झोल) झोलनगरी में देवड़वाल गोत्र के सद्भावना मेले आराध्य देव भोमिया बाबा के दरबार पहुंचेगी। सभी श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर मनोकामनाएं मांगेंगे।

*मंदिर ट्रस्ट कमेटी, क्यारा सेवा समिति की अपील-मेलें में सहयोग अनुशासन रहे क़ायम*

आपको बता दें कि नायल भोमिया बाबा मीणा समाज के देवड़वाल गोत्र के आराध्य कुल देव हैं अर्थात् देवड़वाल वंश गोत्र की उत्पत्ति नायल वंश से हुई थी, साथ ही देवड़वाल गोत्र की कुलदेवी चामुंडा माता हैं, जिसकी गाथा इतिहास में देखने पढ़ने व झरोखों में कई बार सुनने को मिलती है कथा पूरी, ।
यह मेला जयपुर जिले का मीणा समाज का सबसे बड़ा सद्भावना धार्मिक आस्था मेला माना जाता है, जहां प्रथम नवरात्रा पर संपूर्ण राजस्थान सहित आस-पास के कहीं राज्यों से देवडवाल गोत्र के बाबा के माथा टेकने अपनी-अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं बाबा के दरबार में देवड़वाल गोत्र के लोगों द्वारा बड़ी-बड़ी पदयात्राएं लायीं जाती हैं, दंगल कार्यक्रम के साथ-साथ, मीणा समाज की कला-संस्कृति व देवड़वाल गोत्र की उत्पत्ति और इतिहास पर चर्चा व प्रतिभा सम्मान और अतिथियों का स्वागत सम्मान समारोह आयोजित होता है।

ग्रामवासियों ने बताया कि बाढ़ छौरिया की पदयात्रा हर बार अपनी संख्या और अनुशासन के लिए सराही जाती है। इस बार भी आस-पास के गांवों के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हैं। यात्रा में वरिष्ठजन अनुशासन बनाए हुए हैं, वहीं युवा साथी सेवा भाव से यात्रियों की सेवा कर रहे हैं।

मंदिर ट्रस्ट कमेटी, क्यारा सेवा समिति ने नील भोमिया बाबा के सभी भक्तों से व सभी पदयात्रियों से अपील की है बाबा की सद्भावना मेले में सभी अपना-अपना सहयोग बरकरार रखें साथ ही अनुशासन अनुशासित रहने की परंपरा को कायम रखें। पदयात्राएं लेकर आने वाले दूर दराज के सभी कार्यकर्ताओं व पद यात्रियों से विनम्र अपील है, सड़क सुरक्षा का अवश्य ध्यान रखें, हाईवे पर बाईं साइड कतारबद्ध होकर चलें, सड़क सुरक्षा और भाईचारे का विशेष ध्यान रखें।