• अपराध नियंत्रण से लेकर साइबर क्राइम, महिला एवं बाल अपराध, नशे के खिलाफ कार्रवाई और विभागीय मामलों के त्वरित निस्तारण पर दिए निर्देश
जयपुर 11 अगस्त।स्मार्ट हलचल|महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई।पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस बैठक से प्रदेश के पुलिस आयुक्त, रेंज महानिरीक्षक पुलिस, पुलिस उपायुक्त एवं जिला पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान, विभागीय कार्यवाहियों तथा विभिन्न विशेष अभियानों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
*अपराधों की तुलनात्मक स्थिति और गंभीर प्रकरणों की समीक्षा*
बैठक में वर्ष 2024, 2025 एवं जुलाई 2026 तक अपराधों की तुलनात्मक स्थिति पर चर्चा की गई। संपत्ति संबंधी अपराधों में बरामदगी एवं चालानी प्रतिशत, महिला अत्याचार एवं पॉक्सो प्रकरणों की स्थिति तथा सनसनीखेज प्रकरणों में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली गई। 60 एवं 90 दिवस में प्रकरणों के निस्तारण, ई-साक्ष्य तथा सम्मन की स्थिति पर भी चर्चा की गई।
*मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर जोर*
डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने के लिए प्रभावी एवं निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने नवीन आपराधिक कानूनों के तहत आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी शिकंजा कसते हुए अपराधियों के विरुद्ध त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ई-जीरो एफआईआर, दर्ज प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण, ई-साक्ष्य आईडी की संख्या बढ़ाने तथा ई-सम्म्मन की तामील सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। डीजीपी ने इन व्यवस्थाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए पुलिसिंग में तकनीक के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए।
बैठक में सभी महानिरीक्षक पुलिस/ कमिश्नर द्वारा अपनी-अपनी रेंज की अपराध स्थिति एवं पुलिस कार्रवाई से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतियों में अपराधों की तुलनात्मक स्थिति, पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई तथा विभिन्न अभियानों की प्रगति से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई।
*महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई*
महिला अत्याचार एवं पॉक्सो प्रकरणों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित अनुसंधान पूरा करने, पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा निर्धारित समयावधि में प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
*विभागीय जांचों में तेजी और प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश*
बैठक में सतर्कता शाखा से संबंधित विषयों पर भी विशेष चर्चा हुई। विभागीय कार्यवाही के प्रस्ताव एवं विभागीय जांच रिपोर्ट निर्धारित परिपत्र के अनुसार समय पर भेजने तथा लंबित विभागीय जांचों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
बैठक में परिवीक्षा काल के दौरान 16/17 CCA के स्थान पर 38(ए) CCA के तहत कार्रवाई करने, न्यायालयों में लंबित मामलों में स्टे वैकेट करवाने तथा अपराध में संलिप्त पुलिस कार्मिकों के विरुद्ध लंबित विभागीय कार्यवाहियों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
साथ ही राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के तहत विभागीय कार्यवाहियों के सक्षम स्तर से प्रभावी पर्यवेक्षण एवं लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
*साइबर अपराध पर विशेष फोकस*
साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए जिलों में संचालित साइबर थानों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध उपलब्ध स्टाफ की स्थिति की जानकारी ली गई। साइबर अपराधों में दर्ज एफआईआर एवं गिरफ्तारियों की तुलनात्मक स्थिति, म्यूल बैंक खातों एवं साइबर अपराध के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान तथा साइबर अपराध में प्रयुक्त सिम कार्ड के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर कार्रवाई की प्रगति पर चर्चा हुई।
साइबर स्लेवरी से जुड़े मामलों में एजेंटों एवं पीड़ितों के संबंध में की जा रही कार्रवाई को प्रभावी बनाने तथा अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए। OCWC/Tipline पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
*नशे के खिलाफ कार्रवाई और ‘लक्ष्मण रेखा’ अभियान की समीक्षा*
एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ से जुड़े विषयों पर चर्चा के दौरान जिलों में नार्को-सेल के गठन, केंद्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय, NCORD पोर्टल पर बैठक संबंधी जानकारी नियमित रूप से अपलोड करने तथा वाणिज्यिक मात्रा वाले मादक पदार्थ मामलों में वित्तीय अनुसंधान को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
लक्ष्मण रेखा अभियान के तहत जिलों में अधिक से अधिक जनजागरूकता शिविर आयोजित करने तथा मानस पोर्टल पर लंबित परिवादों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
*संगठित अपराध एवं हार्डकोर अपराधियों पर कड़ी निगरानी*
बैठक में जिलों में हार्डकोर अपराधियों से संबंधित सीसीटीएनएस डाटा अपडेट रखने तथा ऑर्गेनाइज्ड क्राईम नेटवर्क डाटा (OCND) पोर्टल पर आवश्यक जानकारी समय पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
विभिन्न अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियानों की प्रगति पर भी चर्चा हुई और अधिकारियों को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
*परीक्षा संबंधी अपराधों में एसपी करेंगे व्यक्तिगत पर्यवेक्षण*
प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं से जुड़े डमी अभ्यर्थी, पेपर लीक, फर्जी डिग्री/प्रमाण-पत्र एवं नकल जैसे मामलों में पुलिस अधीक्षकों द्वारा व्यक्तिगत रूप से पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न परीक्षाओं के दौरान निर्धारित एसओपी की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा नेक्सा एवरग्रीन सिटी, आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी एवं आरजीएचएस से संबंधित लंबित अनुसंधानाधीन प्रकरणों की व्यक्तिगत निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
*सरकारी योजनाओं में धोखाधड़ी की निगरानी के लिए विशेष सेल*
सरकारी योजनाओं जैसे सम्मान निधि, जननी सुरक्षा एवं प्रधानमंत्री बीमा योजना आदि में होने वाली धोखाधड़ी के मामलों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए गए।
*Next-Gen e-Challan System की तैयारी पर चर्चा*
यातायात शाखा के अंतर्गत Next-Gen e-Challan System लागू करने की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को नई व्यवस्था के लिए आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
*पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा*
बैठक में राजस्थान पुलिस पेंशन पोर्टल पर सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दर्ज की जाने वाली शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, राजस्थान पुलिस बेलेनेवेन्ट फंड की छात्रवृत्ति के आवेदन समय पर भिजवाने तथा नवनियुक्त रिक्रूट कांस्टेबलों को पुलिस सैलेरी पैकेज के अंतर्गत मिलने वाले विभिन्न लाभों के संबंध में भी चर्चा की गई।
डीजीपी श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, आमजन की सुरक्षा और पुलिसिंग में जवाबदेही राजस्थान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिलों में अपराध की प्रवृत्तियों का लगातार विश्लेषण कर प्रभावी रणनीति बनाने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा पुलिस कार्यप्रणाली में तकनीक और जनसहभागिता का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया।
बैठक में डीजी लॉ एंड ऑर्डर श्री संजय अग्रवाल सहित समस्त एडीजी मौजूद रहे। एडीजी बिपिन कुमार पांडे ने बैठक एजेंडा प्रस्तुत किया।
*मुख्य उपलब्धियां: एक नजर*
• अपराध दर में बड़ी गिरावट: वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2026 (जुलाई तक) में कुल अपराधों में 17.25% तथा संपत्ति संबंधी अपराधों में 32.32% की भारी कमी आई है।
• गंभीर अपराधों एवं पॉक्सो पर अंकुश: 2025 की तुलना में 2026 में पॉक्सो एक्ट मामलों में 21.56%, डकैती में 25.49%, लूट में 20.84%, बालिग दुष्कर्म में 10.67% और हत्या के प्रयास में 9.81% की कमी दर्ज की गई।
• विशेष अभियानों में सफलता: 20 जुलाई से 2 अगस्त 2026 के विशेष अभियान में 1,248 वांछित/संगठित अपराधी गिरफ्तार हुए। इसके अलावा एनडीपीएस के 614, आर्म्स एक्ट के 226, अवैध खनन के 474 प्रकरण दर्ज किए गए और 426 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए।
• यातायात एवं एसएलएल सख्ती: विशेष व स्थानीय कानूनों (SLL) में 5.57% अधिक कार्रवाई हुई। यातायात नियंत्रण के तहत कुल 3,73,104 कार्यवाहियां (1,69,089 एमवी एक्ट, 87,357 बिना हेलमेट, 80,023 ओवर-स्पीडिंग) की गईं।
• डिजिटल सुरक्षा व राष्ट्रीय रैंकिंग: सोशल मीडिया पर महिला/बाल अपराध की 98.8% और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली 88.8% पोस्ट्स टेक-डाउन कराई गईं। नए आपराधिक कानूनों व ई-गवर्नेंस क्रियान्वयन में राजस्थान बड़े राज्यों में द्वितीय (Overall Rank 8, Score 86.11) स्थान पर रहा, जबकि राज्य की ITSSO अनुपालन दर 91.3% दर्ज हुई।
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