बूंदी- स्मार्ट हलचल।जिले में नैनवां तहसील के प्रसिद्ध धुंधलेश्वर महादेव पर्यटन स्थल तलवास में इस वर्षाकाल में पर्यटक और श्रद्धालु केवल प्राकृतिक झरने का ही आनंद ले सकेंगे। पिछले साल हुई अतिवृष्टि से कुंडों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और कुंडों में पत्थर व मलबा भर गया है। मरम्मत कार्य अब तक न होने से स्नान की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकेगी तथा दुर्घटना की संभावनाएं बनी रहेगी। यदि समय रहते कुंडों में भरे पत्थर नहीं निकाले गए तो वर्षाकाल में यहां आने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहेगा। समस्त वर्षाकाल में एवं श्रावण मास में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन इस बार कुंडों में स्नान संभव न होने से सारी भीड़ झरने के पास ही केंद्रित रहेगी, जहां जगह कम होने से हादसे की आशंका बढ़ सकती है।
मूलचंद शर्मा ने कहा कि “कश्मीर” के नाम से पहचाने जाने वाले तलवास पर्यटन स्थल के कुंडों की मरम्मत पर अधिक राशि की आवश्यकता नहीं है। बावजूद इसके आपदा, विकास, पर्यटन और वन विभाग में से किसी ने भी अब तक सक्रियता नहीं दिखाई है।
इस अतिवृष्टि से रतन सागर झील की पाल भी क्षतिग्रस्त हुई है। पानी के कटाव से पाल की पक्की दीवार टूट गई और मिट्टी बह गई, जिससे निचले गांवों के लोगों में बाढ़ का भय बना हुआ है। सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए तलवास ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद मद से 50 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। पंचायत समिति नैनवां द्वारा शीघ्र कार्यादेश जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराने की जरूरत है।
रतन सागर झील के सौंदर्यीकरण के लिए लोकसभाध्यक्ष ओम बिरला की अनुशंसा पर जिला परिषद ने 50 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित कार्यों का तखमीना तैयार कर जिला परिषद को स्वीकृति हेतु भेजा जा चुका है। जिला परिषद से अभी स्वीकृति जारी नहीं हुई है।
शर्मा ने जिला कलक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद और खंड विकास अधिकारी से पत्राचार कर रतन सागर झील पर सौंदर्यीकरण और सुरक्षा दीवार का कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने धुंधलेश्वर महादेव पर कुंडों की सफाई और मरम्मत के लिए भी प्रशासनिक स्तर पर तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है, ताकि पर्यटन स्थल अपने मूल स्वरूप में लौट सके।
