एजाज़ अहमद उस्मानी।
स्मार्ट हलचल।राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर परिषद नागौर में आयोजित शहरी सेवा शिविर का जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने निरीक्षण किया। शिविर के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आमजन के कार्यों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा वहां उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त होने वाले प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से अध्ययन कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ें। जिला कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाना है। शहरी सेवा शिविर इसी सोच का परिणाम हैं, जहां विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए पात्र लोगों को योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
*वर्षों से लंबित नागौर जेल का पट्टा हुआ जारी*
शिविर के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने लंबे समय से लंबित चल रहे नागौर जेल के पट्टा प्रकरण का निस्तारण करते हुए पट्टा जारी किया। इस निर्णय से वर्षों से अटके प्रशासनिक मामले का समाधान संभव हो सका, जिसे प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। जिला कलेक्टर ने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों का निराकरण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे प्रकरणों के समाधान से न केवल सरकारी कार्यों में गति आती है, बल्कि आमजन का प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
शिविर में उपस्थित नागरिकों ने प्रशासन द्वारा किए जा रहे त्वरित निस्तारण कार्यों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार जनहित से जुड़े मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाता रहेगा।
