रामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के शहीद रामभक्तों की स्मृति में विहिप-बजरंग दल ने किया रक्तदान शिविर का आयोजन,
भीलवाड़ा|स्मार्ट हलचल|रामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में शहीद हुए रामभक्तों की स्मृति में हुतात्मा दिवस के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की ओर से रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। शहीद रामभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से आयोजित इन शिविरों में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। रक्तदान को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। भीलवाड़ा महानगर और आसिंद जिले के बदनौर प्रखंड में आयोजित शिविरों में कुल 160 यूनिट रक्त संग्रह किया गया।
बजरंग दल महानगर संयोजक मुकेश प्रजापत ने बताया कि अखिल भारतीय योजना के तहत हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 1 नवंबर को हुतात्मा दिवस के उपलक्ष्य में भीलवाड़ा महानगर के महात्मा गांधी चिकित्सालय में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। सुबह 11 बजे आयोजित शिविर का शुभारंभ काठियाबाबा हनुमान टेकरी के संत बनवारीशरण जी महाराज, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण गोड़, बजरंग दल प्रांत सह संयोजक अखिलेश व्यास, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य ओमप्रकाश बुलिया, महानगर सह संयोजक हितेश नाथ, महानगर अध्यक्ष रामप्रकाश बहेड़िया, उपाध्यक्ष भारत गेंगट एवं सहमंत्री सौम्या मेहता ने भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर मंत्रोच्चार के साथ किया।
शिविर के दौरान सातों प्रखंडों से पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। भारत माता की जय, जयकारे वीर बजरंगी, हर-हर महादेव, फूल नहीं चिंगारी है, यह भारत की नारी है और देश का बल बजरंग दल जैसे नारों से शिविर स्थल गूंज उठा। रक्तदान के प्रति युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महानगर प्रचार-प्रसार प्रमुख विराट सोनी ने बताया कि महात्मा गांधी चिकित्सालय के ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित शिविर में कुल 75 यूनिट रक्त संग्रह किया गया।
विभाग मंत्री विजय ओझा ने बताया कि हुतात्मा दिवस के उपलक्ष्य में आसिंद जिले के बदनौर प्रखंड में भी रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 85 यूनिट रक्त संग्रह हुआ। इस प्रकार भीलवाड़ा महानगर और बदनौर प्रखंड में आयोजित शिविरों के माध्यम से कुल 160 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। आयोजकों ने रक्तदान करने वाले सभी कार्यकर्ताओं एवं युवाओं का आभार जताते हुए कहा कि शहीद रामभक्तों की स्मृति में रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन बचाने का संकल्प लेना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।