अनिल कुमार
ब्यावर।स्मार्ट हलचल।राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने ब्यावर जिले के प्रवास के दौरान राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं का व्यापक निरीक्षण और समीक्षा की। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को मानसून से पूर्व सभी जल स्रोतों की मरम्मत और साफ-सफाई समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
ERCP से दूर होगी ब्यावर की पानी की किल्लत
समीक्षा बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री ने ब्यावर वासियों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना (ERCP) के धरातल पर उतरने से ब्यावर क्षेत्र के नागरिकों और किसानों को वर्ष भर भरपूर पानी मिल सकेगा, जिससे क्षेत्र में जल संकट का स्थाई समाधान होगा।
जल स्रोतों से अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश
मंत्री रावत ने जलाशयों, तालाबों और बांधों के आवक मार्गों (कैचमेंट एरिया) की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
पानी की आवक में बाधा बनने वाले सभी अतिक्रमणों की पहचान कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए।
कड़िया देह बांध से जवाजा बांध तक पानी पहुंचाने की तकनीकी संभावनाओं के लिए जल्द से जल्द विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किया जाए।
जलाशयों के आस-पास फैले विलायती बबूल को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
राजियावास तालाब, देवाता फीडर का निरीक्षण और बनजारी तालाब पर जल पूजन
बैठक के बाद मंत्री ने सीधे फील्ड का रुख किया। उन्होंने राजियावास क्षेत्र में तालाब के संरक्षण कार्यों और जवाजा क्षेत्र में निर्माणाधीन देवाता फीडर का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता मानकों से समझौता न करते हुए काम को समयसीमा में पूरा करने को कहा ताकि किसानों को सिंचाई का समय पर लाभ मिल सके। इसके पश्चात, मंत्री ने बनजारी तालाब पहुंचकर विधि-विधान से जल पूजन किया और उपस्थित जनसमुदाय को जल एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।
जनभागीदारी से बनेगा ‘जन आंदोलन’
इस अवसर पर ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने कहा कि जल संरक्षण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के हर वर्ग को इससे जोड़कर ही इसे एक जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है। बैठक में प्रवासियों को जोड़ने के लिए ‘कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान’ और ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
इस कार्यक्रम और समीक्षा बैठक के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि जीतमल प्रजापत, गणपत सिंह रावत, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मा लाल जाट, और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाल लाल मीणा सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
