बेशकीमती 19 बीघा जमीन हथियाने के लिए रची साजिश, बोलेरो के गियर बॉक्स में छिपाई थी एमडी; 5 पुरुष सहित महिला गिरफ्तार
अनिल कुमार
ब्यावर। स्मार्ट हलचल|जैतारण पुलिस ने 252 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामदगी के मामले में निर्दोष लोगों को एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की कथित साजिश का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जालोर के सायला क्षेत्र में स्थित करीब 19 बीघा बेशकीमती जमीन को हथियाने के लिए साजिश रची गई थी। आरोपियों ने कथित तौर पर बोलेरो वाहन के गियर बॉक्स में एमडी छिपाकर वाहन मालिक को नशे के मामले में फंसाने की योजना बनाई थी। साइबर सेल और पुलिस टीम की तकनीकी जांच से पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस महानिरीक्षक अजमेर रेंज डॉ. रवि सभरवाल एवं जिला पुलिस अधीक्षक ब्यावर रतन सिंह के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्यावर डॉ. अनुकृति उज्जैनिया तथा वृत्ताधिकारी जैतारण रमेन्द्र सिंह हाड़ा के निकटतम सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस थाना बर की थानाधिकारी मंजु मुलेवा के नेतृत्व में पुलिस टीम एवं साइबर सेल ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर साजिश की कड़ियां जोड़ीं।
नाकाबंदी में बोलेरो से मिली थी 252 ग्राम एमडी
पुलिस के अनुसार 14 अगस्त को जैतारण थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे-458 पर राभावास चौराहे के पास नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध बोलेरो आरजे 16 यूबी 0456 को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में सवार मीठाराम और जबराराम से पूछताछ के बाद तलाशी लेने पर 252 ग्राम एमडी बरामद हुई। इस पर पुलिस थाना जैतारण में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
दोनों आरोपियों ने वाहन में मौजूद एमडी के बारे में अनभिज्ञता जताई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर सामने आया कि वाहन में एमडी कथित तौर पर पहले से छिपाई गई थी।
जमीन विवाद से जुड़ी साजिश का खुलासा
पुलिस जांच के मुताबिक मीठाराम के पास सायला क्षेत्र में हाईवे पर करीब 19 बीघा जमीन है। आरोपियों ने कथित रूप से इस जमीन को हड़पने के लिए पहले मुख्तियारनामा करवाया और बाद में जमीन का सौदा कर लिया। जमीन को लेकर विवाद होने के बाद मीठाराम को रास्ते से हटाने के लिए साजिश रची गई।
जांच में सामने आया कि महेन्द्र राजपुरोहित ने जोगराज से एमडी मंगवाई। इसके बाद किरण उर्फ पिंटू ने मीठाराम की बोलेरो की सर्विस के दौरान गियर बॉक्स में एमडी का पैकेट कथित रूप से छिपा दिया। वहीं कैलाश ने अपनी महिला परिचित साईना के माध्यम से मीठाराम से इंस्टाग्राम पर संपर्क करवाया और उसे जैतारण क्षेत्र में मिलने के लिए बुलाया। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई कर दी।
मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज बने अहम सुराग
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के साथ सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन, चैट, कॉल डिटेल एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कथित साजिश में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार साईना रंगरेज पूर्व में सोजत क्षेत्र के एक युवा उद्योगपति को कथित हनीट्रैप में फंसाने के मामले में गिरफ्तार हो चुकी है। वहीं जोगराज राजपुरोहित के खिलाफ पूर्व में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है और वह करीब एक माह पहले ही जमानत पर बाहर आया था।
छह आरोपी गिरफ्तार
मामले में महेन्द्र राजपुरोहित पुत्र गोरीशंकर (43), जोगराज पुत्र कालूसिंह (32), हड़माराम पुत्र कानाराम (30), कैलाश वैष्णव पुत्र भगवानदास (46), किरणकुमार सिंह उर्फ पिंटू पुत्र गोरीशंकर (46) तथा साईना पुत्री अब्दुल मजीद रंगरेज (23) को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी जालोर व पाली जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में मंजु मुलेवा, पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी पुलिस थाना बर, गणपतराम, उपनिरीक्षक एवं थानाधिकारी आ.कालू, महावीर सिंह हेड कांस्टेबल 69 थाना रास, दलेल हेड कांस्टेबल 04 थाना रास, बसंती हेड कांस्टेबल 03 थाना जैतारण, रामचरण ईनाणियां कांस्टेबल 408 थाना रास, जेठाराम कांस्टेबल 403 थाना रास, सुशील टोगस कांस्टेबल 318 साइबर सेल ब्यावर, नैनासिंह कांस्टेबल 599 साइबर सेल ब्यावर, करतार सिंह कांस्टेबल 401 थाना रास, सुशील कांस्टेबल 519 थाना रास, प्रहलाद कांस्टेबल 470 थाना जैतारण, अजीत सिंह कांस्टेबल 434 थाना रास, संजय कांस्टेबल 513 थाना रास, पप्पूराम कांस्टेबल 451 थाना आ.कालू तथा रिछपाल कांस्टेबल 620 थाना आ.कालू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साइबर सेल के कांस्टेबल सुशील टोगस का विशेष योगदान रहा।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में निर्दोष व्यक्तियों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
