दो दिन में कार्रवाई के निर्देश-एक माह बाद भी नहीं हुई पालना-प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे सवाल,

पंचायत समिति उनियारा के बीडीओ का आदेश साबित हुआ बेअसर-ग्राम पंचायत बिलौता के प्रशासक सुरेश मीणा पर नियम विरुद्ध पद के दुरुपयोग के आरोप-शीघ्र कार्रवाई की मांग

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा । स्मार्ट हलचल।जिले की पंचायत समिति उनियारा मुख्यालय अलीगढ़ द्वारा ग्राम पंचायत बिलौता के प्रशासक एवं ग्राम विकास अधिकारी को जारी किए गए आदेश की समयबद्ध पालना नहीं होने से प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवाद संख्या 052636326570278 के संबंध में पंचायत समिति उनियारा के विकास अधिकारी ने 12 मई 2026 को पत्र क्रमांक 1000 जारी कर ग्राम पंचायत बिलौता के प्रशासक सुरेश मीणा एवं ग्राम विकास अधिकारी जगमोहन मीणा को दो दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश जारी होने के लगभग एक माह बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार परिवाद में शिकायत की गई थी कि ग्राम पंचायत बिलौता क्षेत्र में केंद्र एवं राज्य मद से कराए गए विभिन्न सौंदर्यीकरण कार्यों के तहत स्थापित सीमेंटेड बैठने की कुर्सियों पर नियमों के विपरीत वर्तमान प्रशासक (सरपंच) सुरेश मीणा का नाम अंकित किया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग एवं नियम विरुद्ध कार्य बताते हुए संबंधित नाम हटाने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की थी। मामले को गंभीर मानते हुए पंचायत समिति उनियारा के खंड विकास अधिकारी शंकरलाल मेघवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया था कि दो दिन के भीतर उक्त नाम हटाकर अथवा नई कुर्सियां लगवाकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा अनुपालना रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।हालांकि शिकायतकर्ता परिवादी रामबाबू मीणा सहित लोकेश मीणा का आरोप है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद आदेश की पूर्ण पालना नहीं की गई है और न ही कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक की गई है। ऐसे में यह मामला प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता और जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब सक्षम अधिकारी द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं, तब उनकी अनुपालना सुनिश्चित नहीं होना प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आदेश की अनुपालना नहीं होने के कारणों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा पंचायत समिति उनियारा के विकास अधिकारी के निर्देशों की तत्काल प्रभाव से पालना सुनिश्चित कराई जाए, ताकि शासन-प्रशासन के आदेशों की गरिमा बनी रहे और आमजन का विश्वास प्रशासन पर कायम रह सके।