भगवान श्री परशुराम जी की भव्य शोभायात्रा, प्रतिभा सम्मान समारोह एवं परशुराम सर्किल शिलान्यास ने बनाया ऐतिहासिक माहौल
नीरज मीणा
मंडावर। स्मार्ट हलचल/मंडावर कस्बा रविवार को भगवान श्री परशुराम भगवान की भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता के रंग में रंगा नजर आया, जहां भगवान श्री परशुराम की जयंती के उपलक्ष्य में विशाल एवं भव्य शोभायात्रा, प्रतिभा सम्मान समारोह तथा भगवान श्री परशुराम सर्किल के शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समाजबंधु, मातृशक्ति एवं युवा साथी शामिल हुए, जिससे पूरा कस्बा धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया।
शोभायात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों एवं जयकारों के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान श्री परशुराम जी की आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, वहीं महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के दौरान महवा विधायक राजेन्द्र मीणा ने ब्राह्मण समाज के वरिष्ठजनों के साथ भगवान श्री परशुराम जी सर्किल का विधिवत पूजा-अर्चना कर शिलान्यास किया। विधायक ने कहा कि भगवान श्री परशुराम जी केवल ब्राह्मण समाज ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण सनातन संस्कृति के प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन धर्म, न्याय, साहस और समाज सेवा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान समाज को नई दिशा देने का कार्य करता है और युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
समारोह में पूर्व मंत्री शैलेंद्र जोशी, पूर्व देवस्थान बोर्ड अध्यक्ष एसडी शर्मा, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा, आचार्य पुरुषोत्तम गौड़, मंडावर तहसील अध्यक्ष संतोष महंत, महवा तहसील अध्यक्ष ताराचंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे। सभी अतिथियों ने भगवान श्री परशुराम जी के आदर्शों पर चलने एवं समाज में शिक्षा, संस्कार और एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।
प्रतिभा सम्मान समारोह में शिक्षा, खेल, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं युवाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले युवाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर समाज के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान मंडावर कस्बा भगवा ध्वजों,स्वागत द्वारों और धार्मिक नारों से गूंजता रहा। लोगों ने इसे सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और युवा प्रेरणा का ऐतिहासिक आयोजन बताया।
