रज़ा एजुकेशन सोसायटी का फ़राइज़ तरबियत कैंप सम्पन्न

दीनी तालीम, अख़लाक़ और सेहत जागरूकता का अनोखा संगम

निंबाहेड़ा 01 मई,2026|स्मार्ट हलचल|निंबाहेड़ा शहर के नूर महल रोड स्थित ईदगाह परिसर में संचालित मदरसे पर रज़ा एजुकेशन सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित फ़राइज़ तरबियत कैंप का गुरुवार सायंकाल गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। यह विशेष प्रशिक्षण शिविर दिनांक 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को बेहतर दीनी तालीम, बेहतरीन अख़लाक़ और जीवनोपयोगी ज्ञान प्रदान करना रहा।

इस पंद्रह दिवसीय कैंप में प्रख्यात आलिमों एवं शिक्षकों द्वारा बच्चों को इस्लामी शिक्षाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को ग़ुस्ल, वुज़ू, नमाज़, फ़ातेहा, जनाज़े की नमाज़ के सही तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें अच्छे किरदार की पहचान, पड़ोसियों के हक़, सामाजिक व्यवहार, सादगी अपनाने तथा फ़िज़ूलखर्ची से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

कैंप की विशेषता यह रही कि इसमें धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी उपयोगी जानकारी भी शामिल की गई। इस क्रम में डॉ. बद्र जहां ने बच्चों को दांतों की साफ-सफाई और हिफ़ाज़त के बारे में जागरूक किया, वहीं डॉ. आवेश खान ने बीपी, शुगर, पल्स चेक करना, सीपीआर (CPR), प्राथमिक उपचार, ड्रेसिंग, कुत्ते के काटने तथा मधुमक्खी के डंक के उपचार जैसी आवश्यक चिकित्सा जानकारी सरल भाषा में समझाई।

इसके अतिरिक्त एआई एकेडमी के साहिल खान (पुलिस विभाग) द्वारा बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा, सतर्कता एवं आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में उपयोगी जानकारी दी गई, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास एवं सजगता का विकास हुआ।

समापन समारोह के अवसर पर रज़ा एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष मोहम्मद फारूक एवं उनकी टीम द्वारा मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुरानी ईदगाह मस्जिद के इमाम हाजी यूसुफ निजामी साहब, मस्जिद के सदर मुनव्वर मेव, फैज़ अहमद, ताहिर भाई, हाजी एजाज़ खान, पत्रकार ज़ाकिर हुसैन,शरीफ अंसारी एवं रईस मेव की गरिमामयी उपस्थिति रही।

संस्था के सक्रिय सदस्यों में आमिर अनवर, सरफराज खान, सिकंदर खान, शाहरुख खान, एडवोकेट सैयद साजिद अली एवं यासीन खान, राशिद खान,का विशेष सहयोग उल्लेखनीय रहा। कार्यक्रम की सदारत हाजी यूसुफ निजामी साहब द्वारा की गई, जबकि शिक्षण कार्य में मौलाना सरफराज खान एवं उनकी अहिल्या का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कैंप समाज में दीनी जागरूकता, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।