एक साल बाद भी नहीं बनी कुरेडा एनीकट की पाल-बारिश का पानी बहने से किसानों में आक्रोश,

2024 में टूटी पाल-2025 में पुनर्निर्माण के बाद पहली ही बारिश में फिर हुई क्षतिग्रस्त; ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग से तत्काल निर्माण की उठाई मांग

शिवराज बारवाल मीना
टोंक। स्मार्ट हलचल|पीपलू उपखंड क्षेत्र के ग्राम कुरेडा के समीप सहोदरा नदी पर बने एनीकट की पाल एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पुनर्निर्मित नहीं होने से किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बरसात से पहले पाल का निर्माण नहीं कराया गया तो इस वर्ष भी लाखों लीटर वर्षा जल व्यर्थ बह जाएगा और क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल सकेगा।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में हुई तेज बारिश और टोरडी सागर बांध की चादर चलने के कारण एनीकट की पाल टूट गई थी। इसके बाद वर्ष 2025 में पाल का पुनर्निर्माण कराया गया, लेकिन पहली ही बारिश में वह दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद से अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया। ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता नरेश मीणा ने बताया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण हर वर्ष बहुमूल्य वर्षा जल का संरक्षण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि समय रहते पाल का निर्माण नहीं होने से किसानों को सिंचाई संकट का सामना करना पड़ेगा, वहीं पशु-पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी पानी की उपलब्धता प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से मांग की है कि बरसात के चरम दौर से पहले कुरेडा एनीकट की पाल का निर्माण कार्य प्राथमिकता से पूरा कराया जाए, ताकि वर्षा जल का संरक्षण हो सके और क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके।