डीएपी, यूरिया खाद संकट से परेशान किसानों को तत्काल राहत देने की मांग

ब्लॉक कांग्रेस नेताओं ने किसानों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने एवं बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण की उठाई मांग*

निंबाहेड़ा, 09 जून,2026
(ज़ाकिर हुसैन)

स्मार्ट हलचल।खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच क्षेत्र के किसानों को डीएपी एवं यूरिया खाद की कमी और बढ़ती कीमतों की दोहरी मार झेल रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर निंबाहेड़ा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सम्पत धाकड़ एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष भोपराज टांक ने समाचार पत्रों के माध्यम से सरकार का ध्यान किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है।

दोनों कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि कार्यों की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं, लेकिन किसानों को आवश्यक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पा रही है। खाद की कमी के कारण किसानों को बुवाई सहित अन्य कृषि कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आगामी कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

सम्पत धाकड़ एवं भोपराज टांक ने कहा कि किसान देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं तथा अन्नदाता की आवश्यकताओं की पूर्ति करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वर्तमान में अनेक स्थानों पर किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, वहीं कई किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने से निराश लौटना पड़ रहा है। ऐसी परिस्थितियों में सरकार को खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

दोनों नेताओं ने खाद की लगातार बढ़ती कीमतों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डीजल, बीज, मजदूरी और कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री की लागत पहले ही बढ़ चुकी है। ऐसे में खाद के बढ़ते दाम किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने सरकार से किसानों को राहत प्रदान करने के लिए खाद की कीमतों पर नियंत्रण करने तथा आवश्यकतानुसार विशेष राहत उपाय लागू करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाना आवश्यक है, ताकि खरीफ सीजन में कृषि कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही सरकार से किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और बढ़ती कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण करने की मांग की।