हरनावदाशाहजी मे खाद के लिए तरसे किसान, बंद दुकानों ने बढ़ाई परेशानी

हरनावदाशाहजी में खाद का हाहाकार: दुकाने बंद, किसान दिनभर भटके — प्रशासन पर फूटा गुस्सा

संजय चौरसिया
हरनावदाशाहजी (बारां)।स्मार्ट हलचल।कस्बे में एक बार फिर खाद संकट गहरा गया है। रविवार को हालात इतने बिगड़ गए कि सुबह से खाद-बीज लेने पहुंचे किसान दिनभर बाजार में भटकते रहे, लेकिन अधिकांश दुकानों के शटर बंद मिलने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद नहीं मिलने से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
किसानों ने बताया कि वे सुबह जल्दी ही बाजार पहुंच गए थे, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी दुकाने नहीं खुलीं। कई किसान दुकानों के बाहर बैठे नजर आए, वहीं कुछ किसान इधर-उधर जानकारी जुटाते रहे, लेकिन कहीं भी खाद उपलब्ध नहीं हो सकी। इससे किसानों में नाराजगी और बेचैनी साफ देखी गई। किसानों का कहना है कि बुवाई और फसल की तैयारी के लिए यह समय बेहद अहम है, ऐसे में खाद की कमी सीधे उत्पादन को प्रभावित करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और संबंधित विभाग हर साल इस समस्या को नजरअंदाज करते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

हर साल दोहराई जाती है समस्या

किसानों ने बताया कि यह कोई नई बात नहीं है। प्रतिवर्ष कस्बे में खाद की किल्लत और कालाबाजारी का खेल चलता है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। मजबूरी में किसानों को मनमाने दामों पर खाद खरीदनी पड़ती है या फिर खाली हाथ लौटना पड़ता है।

आंदोलन की चेतावनी

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि अब उनकी सहनशक्ति जवाब दे रही है। फिलहाल पूरे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा और किसान मायूस होकर अपने घरों की ओर लौटते नजर आए।