‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प में युवा शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण—प्रो. सारस्वत
कोटा।स्मार्ट हलचल|कोटा विश्वविद्यालय में शनिवार को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रभक्ति, गरिमा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ध्वजारोहण के साथ ही उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार ने राष्ट्रगान के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव मुरलीधर प्रतिहार के सहित शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ध्वजारोहण के पश्चात परेड एवं मार्च-पास्ट का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न दलों ने अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मार्च-पास्ट प्रस्तुत कर तिरंगे को सलामी दी। पूरे परिसर में देशभक्ति का वातावरण नजर आया।
मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कहा कि स्वतंत्रता केवल अतीत की उपलब्धि का स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने का दिन है। आज भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा के केंद्र में देश की युवा पीढ़ी है।
उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी सामर्थ्य है। युवाओं को शिक्षा, कौशल, नवाचार, अनुसंधान, तकनीक और उद्यमिता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के युवाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य युवाओं को अवसर, संसाधन और आत्मनिर्भरता के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
कुलगुरु प्रो.सारस्वत ने अपने संबोधन में कहा कि कोटा विश्वविद्यालय भी विकास के नए सोपान तय कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय में पिछले एक वर्ष के दौरान किए गए विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक, शोध, अधोसंरचना एवं विद्यार्थी-केंद्रित कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के साथ अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक अवसरों के विस्तार, शोध गतिविधियों को प्रोत्साहन, विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं तथा अकादमिक वातावरण को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रगान और ध्वज को सलामी देने के साथ हुई। इसके बाद परेड एवं मार्च-पास्ट आयोजित किया गया। कुलगुरु के संबोधन के पश्चात विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार ने राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
