रिपोर्ट-आकाश शर्मा
चित्तौड़गढ़ |स्मार्ट हलचल।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य-अहिंसा और स्वच्छता के महान संदेश तथा देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री के ओजस्वी सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए, आज उपवन संरक्षक (DFO) कार्यालय चित्तौड़गढ़ के यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में जिलेभर में एक ऐतिहासिक, व्यापक एवं अनुकरणीय विशेष स्वच्छता महाअभियान का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक दिवसीय औपचारिकता या सांकेतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और जन-जागरण की दिशा में लिया गया एक ऐसा सशक्त, दूरदर्शी एवं अचल संकल्प है जो संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र और समाज के लिए नजीर बन गया है। इस महाअभियान के माध्यम से वन विभाग ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि हरियाली की रक्षा और स्वच्छता का विस्तार केवल कागजी दावे नहीं, बल्कि हमारी सर्वोच्च नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी हैं।
कार्यालयों से लेकर नर्सरियों तक गूंजा स्वच्छता का संदेश !
अभियान के तहत वन विभाग के मुख्यालय, सभी डिवीजनों, रेंजों, चौकियों, नाकों और नर्सरी परिसरों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी तन्मयता के साथ श्रमदान किया। इस सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया कि स्वच्छता और हरियाली की शुरुआत सबसे पहले खुद के कार्यस्थल से होनी चाहिए ।
अब हर हफ्ते ‘गुरुवार’ बनेगा स्वच्छता और पर्यावरण का वार
उपवन संरक्षक वी. केतन कुमार ने इस अवसर पर एक बेहद प्रेरणादायक घोषणा करते हुए बताया कि यह अभियान केवल 2 अक्टूबर तक सीमित नहीं रहेगा। अब से प्रत्येक सप्ताह के गुरुवार को सुबह 7:00 बजे से 8:30 बजे तक वन विभाग से जुड़े सभी कार्यालयों और परिसरों में नियमित रूप से एक साथ स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल कार्यालयों को स्वच्छ रखना है, बल्कि आमजन को यह संदेश देना है कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए ।
शहरवासियों के लिए प्रेरणा और अन्य विभागों के लिए संदेश !
वन विभाग की यह पहल शहर के अन्य सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और आम नागरिकों के लिए एक मजबूत संदेश और प्रेरणास्त्रोत है। यदि हर विभाग और नागरिक अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने की ऐसी ही नियमित आदत डाल ले, तो चित्तौड़गढ़ को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने का सपना जल्द ही पूरा हो सकता है। प्रकृति के प्रति यह समर्पण पूरे समाज को एक नई दिशा देने वाला है।
वन्यजीवों और प्रकृति की सुरक्षा का संकल्प !
स्वच्छता अभियान के साथ ही आज से वर्ल्ड वाइल्डलाइफ वीक (वन्यजीव सप्ताह) का भी भव्य शुभारंभ हो गया है, जो आगामी 8 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान चित्तौड़गढ़ जिले में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण के प्रति जन-जागृत बढ़ाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
लकड़ी तस्करों को दो टूक चेतावनी !
खैर की बहुमूल्य लकड़ी की तस्करी से जुड़े एक सवाल पर डीएफओ वी. केतन कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वन विभाग अवैध गतिविधियों के खिलाफ पूरी तरह सतर्क और सख्त है। विभाग के पास तस्करी से निपटने के लिए सभी आवश्यक कानूनी प्रावधान और साधन मौजूद हैं। कुछ संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है, और बहुत जल्द एक ठोस कार्ययोजना (प्लानिंग) के तहत तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।