आश्रम से जेल तक पहुंची मानवाधिकार आयोग की निगरानी, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

विशेष मॉनिटर बालकृष्ण गोयल ने आवासियों और बंदियों से किया सीधा संवाद, सुविधाओं में सुधार के दिए निर्देश

अनिल कुमार खींची

ब्यावर ।स्मार्ट हलचल। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली के विशेष मॉनिटर (बाल अधिकार एवं वरिष्ठ नागरिक) बालकृष्ण गोयल ने रविवार को ब्यावर के स्वयंसिद्धा आश्रम एवं जिला कारागृह का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की हकीकत जानी। उन्होंने आवासियों और बंदियों से सीधे संवाद कर भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं रहन-सहन सहित उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

गोयल ने स्वयंसिद्धा आश्रम में निवासरत आवासियों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, भोजन एवं रहने की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आश्रम की सुविधाओं और संचालन व्यवस्था का अवलोकन किया तथा व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। साथ ही संस्था के संचालन एवं सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए और संबंधित अधिकारियों को निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा।

इसके बाद विशेष मॉनिटर ने जिला कारागृह पहुंचकर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और रहन-सहन की व्यवस्थाओं को परखा। बंदियों से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कारागृह में बंदियों के मानवाधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी विशाल सिंह सोलंकी सहित संबंधित अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि स्वयंसिद्धा आश्रम का संचालन राजस्थान पर्यावरण विकास एवं शोध संस्थान, अजमेर द्वारा किया जा रहा है।