नौ दिवसीय श्री हरिहरात्मक नवकुण्डात्मक अनुष्ठान का हुआ समापन
अविनाश मीणा | घाड़ (देवली), टोंक
स्मार्ट हलचल।कनवाड़ा स्थित गणेश जी की बड़ी बावड़ी मंदिर परिसर में नौ दिवसीय ‘श्री हरिहरात्मक नवकुण्डात्मक श्री गणपति महायज्ञ’ मंगलवार, 9 जून को संपन्न हो गया। पूर्णाहूति, प्रसाद वितरण और संत-महात्माओं की विदाई के साथ यह अनुष्ठान समाप्त हुआ। 1 जून से शुरू हुए इस महायज्ञ में क्षेत्र के सैकड़ों गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
आयोजकों के अनुसार, इस महायज्ञ में लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। नौ दिनों तक चले इस अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में देर रात तक भक्तों की भीड़ लगी रही। श्रद्धालु यज्ञ में आहुतियां अर्पित करने के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए।
महायज्ञ का शुभारंभ श्री श्री 1008 बालकदास महाराज के मुख्य आतिथ्य और श्री 108 लोडक्यादास महाराज के सानिध्य में हुआ। यज्ञाचार्य पंडित गौरव पाराशर घाड़ वाले के मार्गदर्शन में विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया। पंडित पाराशर ने बताया कि यज्ञ मंडप में स्थापित नौ कुंडों में नौ दिनों तक यजमानों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से आहुतियां दीं।
8 जून की रात राजस्थान के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा एक विशाल जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। दिनभर रामधुनी मंडली द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों में भक्त नाचते-गाते नजर आए। मंदिर और बावड़ी परिसर को लाइटों से सजाया गया था।
समापन समारोह में ग्राम पंचायत कनवाड़ा के प्रशासक दीनबंधु नागर और श्री गणेश मंदिर एवं महायज्ञ समिति ने संयुक्त रूप से सभी का आभार व्यक्त किया। समिति ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं, भामाशाहों और आगंतुकों को धन्यवाद दिया। महायज्ञ की पूर्णाहूति के बाद संतों और ब्राह्मणों को ससम्मान विदाई दी गई, जिसके साथ ही नौ दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
