*सिकंदरा थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, 13.60 लाख रुपए नकद और वारदात में काम ली गई बाइक को भी किया बरामद*
(अमर चन्द बैरवा)
दौसा|स्मार्ट हलचल।सिकंदरा थाना पुलिस ने सोने की नकली मालाएं और हार असली बताकर व्यापारियों से लाखों रुपए की ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी राजस्थान के विभिन्न जिलों में इसी तरीके से करीब 25 वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। आरोपियों द्वारा करीब 96 लाख रुपए की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख 60 हजार रुपए नकद तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। गैंग के अन्य सदस्यों और शेष माल-मशरूका की तलाश जारी है।
कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक जयपुर रेंज राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक दौसा पीयूष दीक्षित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल मीना तथा वृत्ताधिकारी मानपुर अशोक कुमार मीना के सुपरविजन में सिकंदरा थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को डीडवाना-कुचामन जिले के मंगलाना से गिरफ्तार किया।
*15 लाख की ठगी से खुला मामला*
पुलिस के अनुसार 26 सितंबर को सिकंदरा थाना क्षेत्र के बासड़ा निवासी कमलेश सैनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि बांदीकुई रोड सिकंदरा स्थित उसकी फर्नीचर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर करीब डेढ़ माह पहले कुछ लोग ग्राहक बनकर आए थे। बाद में उन्होंने मजदूरी के दौरान जमीन से सोने जैसी वस्तु मिलने की बात कहते हुए उसे कुछ टुकड़े दिखाए।
आरोपियों ने एक-दो असली सोने के दाने देकर परिवादी का विश्वास जीता और बताया कि उनके पास करीब 800 ग्राम सोना है, जिसे वे कम कीमत में बेचना चाहते हैं। बातचीत के बाद परिवादी को 24 सितंबर को जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर बुलाया गया। वहां आरोपियों ने उसे सोने की मालाएं देकर 14 लाख रुपए नकद ले लिए। बाद में राजाधोक पहुंचकर मालाओं की जांच कराने पर उनके नकली होने का पता चला।
इस पर सिकंदरा थाने में प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
*350 सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी संसाधनों से सुराग*
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिकंदरा थाना पुलिस, साइबर सेल और डीएसटी दौसा की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल सहित विभिन्न मार्गों पर लगे करीब 350 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस ने करीब 350 किलोमीटर क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज, बीटीएस, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
पुलिस टीम की लगातार निगरानी और तकनीकी पड़ताल के बाद तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें मंगलाना से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद आरोपियों के कब्जे से 13.60 लाख रुपए नकद और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई।
*ऐसे देते थे ठगी की वारदात को अंजाम*
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने चार-पांच साथियों के साथ भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मंदिर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, रैन बसेरा और धर्मशालाओं के आसपास किराए का मकान लेकर महिलाओं और बच्चों के साथ रहते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य 20 से 30 किलोमीटर दूर कस्बों और बाजारों में जाकर व्यापारियों की रैकी करते थे।
आरोपी पहले दुकानदारों से छोटी-मोटी खरीदारी कर उनसे जान-पहचान बनाते और विश्वास हासिल करते थे। इसके बाद सड़क खुदाई के दौरान सोने की बड़ी माला या हार मिलने की कहानी सुनाकर व्यापारी को अपने जाल में फंसाते थे। विश्वास बढ़ाने के लिए आरोपी असली सोने का एक दाना या टुकड़ा देते, जिसे व्यापारी सुनार से जांच करवाता और उसके असली निकलने पर आरोपियों पर भरोसा कर लेता।
इसके बाद नकली सोने की माला या हार की कीमत लाखों रुपए में तय की जाती। आरोपियों की योजना के अनुसार व्यापारी को उसके क्षेत्र से काफी दूर बुलाया जाता था। वहां गिरोह के अन्य सदस्य आसपास खड़े रहकर पैसों की रैकी करते और मुख्य आरोपी नकली सोने की माला देकर नकदी लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो जाते थे।
*कई जिलों में वारदातें करने की बात कबूली*
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने दौसा, नागौर, बीकानेर, डीडवाना-कुचामन, जयपुर ग्रामीण, झुंझुनूं, चूरू, सीकर, पाली सहित राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में ठगी की वारदातें करना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मेड़ता रोड में 7 लाख, महवा में 3 लाख, फुलेरा में 6 लाख, बीकानेर में 2 लाख, रतनगढ़ में 5 लाख, सीकर में कपड़ा व्यापारी से 2 लाख, सिकंदरा में 15 लाख, नवलगढ़ में 5 लाख, चंदवाजी में 2 लाख, मकराना में 3 लाख, झुंझुनूं में 4 लाख, अटेली मंडी में 5 लाख, राजगढ़-चूरू में 4.70 लाख, पाली में 4 लाख, सीकर के लोहा बाजार में 4 लाख, नागौर में 4 लाख, पांचूड़ी नागौर में 3 लाख, परबतसर में 3 लाख, चौमू में 1.50 लाख तथा सुजानगढ़ में 4 लाख रुपए की ठगी सहित कई वारदातों की जानकारी दी है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों द्वारा बताई गई वारदातों के संबंध में संबंधित थानों से एफआईआर एवं अन्य रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
*संयुक्त टीम की रही अहम भूमिका*
कार्रवाई में सिकंदरा थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह, एएसआई मिश्रीलाल, डीएसटी प्रभारी एएसआई प्रदीप राव, एएसआई लोकेश, साइबर सेल प्रभारी एएसआई प्रेमनारायण, हेड कांस्टेबल बलवीर सिंह, हेड कांस्टेबल जगमाल, कांस्टेबल राजेन्द्र प्रसाद, ओमप्रकाश, उम्मेद सिंह, बालकेश, मुकेश, चालक कांस्टेबल राकेश तथा कांस्टेबल नितेश शामिल रहे। एएसआई मिश्रीलाल, हेड कांस्टेबल जगमाल और कांस्टेबल उम्मेद सिंह की कार्रवाई में विशेष भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार गिरोह के शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य वारदातों में ठगे गए माल की बरामदगी के लिए अनुसंधान एवं तलाश जारी है।