एमजी अस्पताल से बाइक चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश: शातिर चोर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार, 6 मोटरसाइकिलें बरामद

भीलवाड़ा।स्मार्ट हलचल|भीलवाड़ा की भीमगंज थाना पुलिस ने महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल परिसर में सक्रिय वाहन चोर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की 6 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पकड़ा गया आरोपी भीलवाड़ा जिला कारागृह में बंद था, जिसे पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर अस्पताल परिसर से हुई ताबड़तोड़ वाहन चोरियों का खुलासा किया है।

डॉक्टर की बाइक चोरी से शुरू हुई जांच

भीमगंज थानाधिकारी (पु.नि.) सुनील चौधरी ने बताया कि एमजी अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टर संजय जैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 जुलाई 2025 को उन्होंने अपनी काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (RJ26 CS 5732) अस्पताल परिसर में खड़ी की थी, जो दोपहर को गायब मिली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया था।

कड़ी से कड़ी जोड़कर जेल में बंद मुख्य आरोपी तक पहुंची पुलिस

पुलिस टीम ने अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध स्प्लेंडर मोटरसाइकिल सवार श्यामलाल गुर्जर (निवासी बागौर) को डिटेन किया, जिसके पास से डॉक्टर जैन की चोरी की बाइक बरामद हुई। श्यामलाल से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने यह बाइक मांडल के भादू निवासी सत्यनारायण उर्फ विक्रम सिंह दरोगा (32) से खरीदी थी।

चूंकि मुख्य आरोपी सत्यनारायण पहले से ही जेल में बंद था, इसलिए भीमगंज पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर उसे जेल से गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा की गई मनोवैज्ञानिक और गहन पूछताछ में आरोपी सत्यनारायण ने डॉक्टर जैन की बाइक के अलावा एमजी अस्पताल परिसर से ही 5 अन्य मोटरसाइकिलें चुराना कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कुल 6 मोटरसाइकिलें जब्त कर ली हैं।

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड:

गिरफ्तार आरोपी सत्यनारायण उर्फ विक्रम सिंह दरोगा एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पूर्व में मांडल, राजनगर (राजसमंद), केलवा और भीमगंज थानों में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और वाहन चोरी के कुल 7 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम:

  • श्री सुनील चौधरी (पुलिस निरीक्षक, थानाधिकारी भीमगंज)
  • श्री उमराव (हेड कांस्टेबल 1283) – विशेष योगदान
  • श्री राजेश (कांस्टेबल 1975), श्री सौरभ (कांस्टेबल 2005) व श्री सुनील (कांस्टेबल 1647)