गोचर बचाओ फाउंडेशन मिशन का प्रथम चरण प्रारंभ — प्रत्येक ग्राम में गोचर भूमि का होगा चिन्हांकन

भीलवाड़ा । गोचर बचाओ फाउंडेशन द्वारा गोचर भूमि संरक्षण एवं जन-जागरूकता को लेकर विशेष अभियान “गोचर बचाओ फाउंडेशन मिशन” का प्रथम चरण प्रारंभ किया गया है। मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम क्षेत्र में स्थित राजस्व अभिलेखों में दर्ज गोचर भूमि की पहचान कर उसका स्थायी चिन्हांकन किया जाएगा।फाउंडेशन के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य गोचर भूमि के संबंध में आमजन, प्रशासन एवं स्थानीय समुदाय को जागरूक करना तथा अतिक्रमण एवं अवैध उपयोग की संभावनाओं को रोकना है। इसी के तहत गोचर भूमि पर स्पष्ट रूप से “यह गोचर भूमि है” अंकित किया जाएगा, ताकि उक्त भूमि की वास्तविक प्रकृति सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित हो सके।
इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु फाउंडेशन द्वारा विशेष रूप से लोहे के सांचे (Stencil) तैयार करवाए गए हैं। इन सांचों के माध्यम से गोचर भूमि स्थित दीवारों अथवा स्थापित लोहे के बोर्डों पर ऑयल पेंट द्वारा स्थायी अंकन किया जाएगा।
फाउंडेशन के गोटू सिंह मंगलपुरा ने जानकारी दी है कि यह सांचे प्रत्येक तहसील स्तर पर निःशुल्क उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, गौसेवकों, ग्रामवासियों एवं विभिन्न संगठनों से अपील की गई है कि वे इन सांचों का सदुपयोग करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों की गोचर भूमि पर सुव्यवस्थित एवं स्पष्ट अंकन कार्य करें, जिससे गोचर भूमि की पहचान स्थायी रूप से सुनिश्चित हो सके।फाउंडेशन के निदेशक कालू रेबारी ने यह भी बताया कि मिशन के द्वितीय चरण में गोचर भूमि संरक्षण, सीमांकन, वृक्षारोपण, अतिक्रमण निराकरण, चारागाह विकास एवं जनसहभागिता आधारित संरक्षण गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।गोचर बचाओ फाउंडेशन ने सभी गौसेवकों, सामाजिक संगठनों एवं आमजन से इस अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की है, ताकि गोचर भूमि का संरक्षण सुनिश्चित कर भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक एवं गौ-संपदा को सुरक्षित रखा जा सके।