खंभा फाड़कर प्रकट हुए भगवान नरसिंह, गोधूलि बेला में किया असुरराज हिरण्यकश्यप का वध

श्री चारभुजा विकास समिति के तत्वावधान में ऐतिहासिक नरसिंह लीला का भव्य मंचन।

अलौकिक दृश्य के साक्षी बने श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा परिसर।

बूंदी- स्मार्ट हलचल|शहर में भगवान नरसिंह की जयंती के पावन अवसर पर वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी। श्री चारभुजा विकास समिति के तत्वावधान में ऐतिहासिक और अलौकिक ‘नरसिंह लीला’ का भव्य मंचन किया गया। गोधूलि बेला में जब भगवान नरसिंह खंभा फाड़कर साक्षात प्रकट हुए और अहंकारी असुरराज हिरण्यकश्यप का वध किया, तो पूरा प्रांगण भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इस अलौकिक दृश्य को अपनी आंखों में कैद करने और प्रभु का आशीर्वाद पाने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

श्री चारभुजा विकास समिति के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम पारीक ने बताया कि आयोजन का शुभारंभ गुरुवार शाम 6:30 बजे भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। समिति के संरक्षक महाराव राजा वंश वर्धन सिंह द्वारा भगवान नरसिंह की छवि की पूजा की गई, जिसे मुख्य पुजारी पं. गणेश शर्मा और पं. सीताराम शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया।

जीवंत हो उठी पौराणिक मान्यता, दैत्यराज का हुआ वध

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दैत्यराज हिरण्यकश्यप को ब्रह्मा जी से ‘ना दिन में मरूं, ना रात में मरूं’ का विशेष वरदान प्राप्त था। इसी मान्यता का पूर्णतः पालन करते हुए लीला में ठीक गोधूलि बेला (संध्याकाल) में शाम 6:51 से 7:02 बजे के बीच असुरराज के वध का मंचन किया गया। मंच पर भगवान नरसिंह के रौद्र रूप को अमित दाधीच ने और हिरण्यकश्यप के पात्र को राजेंद्र सोनी ने अपने सजीव अभिनय से साकार कर दिया।

भक्त प्रह्लाद को दिया आशीर्वाद, गूंजी महाआरती

अहंकारी हिरण्यकश्यप के वध के पश्चात क्रोध शांत होने पर भगवान नरसिंह ने अपने परम भक्त प्रह्लाद को दर्शन दिए। प्रभु ने उसे गोद में उठाकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया। इस भावविभोर कर देने वाले दृश्य के पश्चात भगवान की भव्य महाआरती उतारी गई। मुख्य आयोजन से पूर्व मंदिर के पिछले हिस्से में एक विशाल भजन संध्या का भी आयोजन हुआ, जो देर तक चली। इसमें श्रद्धालु प्रभु की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आए।

भगवान के दर्शनों की प्रबल इच्छा के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे इस महोत्सव में पहुंचे। पूरा माहौल नरसिंह भगवान व श्री चारभुजा नाथ की जय-जयकार से गूंजता रहा। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता जोर-शोर से तैयारियों में जुटे रहे। इनमें मुख्य रूप से समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक गर्ग, महामंत्री एडवोकेट अजय नुवाल, प्रचार मंत्री सत्यवान शर्मा, कार्यालय मंत्री जगदीश शर्मा , पूर्व पार्षद राजेश शेरगड़िया, कौशल किशोर शर्मा, रविंद्र सोनीऔर रतन शर्मा (पान वाले) सहित मंदिर के कई नियमित दर्शनार्थियों ने अपनी सक्रिय व अहम भूमिका निभाई।