सरकारी स्कूल में शिक्षा की जगह बच्चों से कार धुलवाने का आरोप, ग्रामीणों में रोष

कुरेडा (पीपलू, टोंक)। स्मार्ट हलचल|टोंक जिले की पीपलू तहसील स्थित ग्राम पंचायत कुरेडा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुरेडा से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय में कुछ विद्यार्थियों से पढ़ाई करवाने के बजाय शिक्षकों की कार पानी से धुलवाई गई। यदि यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उनके माता-पिता उन्हें इस उम्मीद से स्कूल भेजते हैं कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिले और उनका भविष्य बेहतर बने। ऐसे में यदि विद्यार्थियों से निजी कार्य करवाए जाते हैं, तो यह न केवल नैतिक रूप से गलत है बल्कि बच्चों के अधिकारों का भी उल्लंघन है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी विद्यालय में विद्यार्थियों से निजी कार्य न करवाया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि “शिक्षक का दायित्व बच्चों को शिक्षा देना है, न कि उनसे निजी कार्य करवाना। विद्यालय ज्ञान का मंदिर है और यहां बच्चों का समय केवल शिक्षा एवं उनके सर्वांगीण विकास में लगना चाहिए।”

अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही हैं, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाना आवश्यक होगा ताकि सरकारी विद्यालयों की गरिमा बनी रहे और विद्यार्थियों के अधिकार सुरक्षित रहें।