नौनिहालों के बचपन को संवारेगी सरकार: पीएमश्री स्कूलों की बालवाटिकाओं को मिलेंगी विशेष ‘टीएलएम किट’ की राशि

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत गतिविधि आधारित शिक्षण को मिलेगा बढ़ावा, बीआईएस प्रमाणित खिलौनों से ही पढ़ाई

 

उदयपुर, 27 सितम्बर
स्मार्ट हलचल|राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा -2022 की अनुपालना में उदयपुर एवं सलूंबर जिले के कुल 30 पीएमश्री राजकीय विद्यालयों में संचालित पूर्व प्राथमिक कक्षाओं (बालवाटिकाओं) के बच्चों को अब और अधिक सहज, सरल और आनंददायी वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।बालवाटिकाओं में नामांकित विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और गतिविधि आधारित शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए ‘टीचिंग लर्निंग मटेरियल’ (टी एल एम) किट के क्रय एवं प्रभावी उपयोग के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

समग्र शिक्षा उदयपुर के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कुंज बिहारी भारद्वाज ने बताया कि उदयपुर एवं सलूम्बर जिले में पीएमश्री योजना के अंतर्गत चयनित 30 राजकीय विद्यालयों की बालवाटिकाओं के लिए प्रति छात्र 500 रुपये (अधिकतम 75 छात्र प्रति विद्यालय) के मान से राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत प्रत्येक बालवाटिका को टीएलएम सामग्री के लिए अधिकतम 37,500 रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा। इस राशि से बच्चों के शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक-भावनात्मक, भाषायी और बौद्धिक विकास के लिए खेल सामग्री और पहेलियां क्रय की जाएंगी।

अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक भारद्वाज ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बालवाटिकाओं के लिए क्रय की जाने वाली सामग्री पूर्णतः सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। गाइडलाइन के अनुसार, सभी खिलौने और शिक्षण सामग्री भारतीय मानक ब्यूरो के प्रमाणन के अनुरूप ही खरीदे जाएंगे। इसमें इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के लिए IS 15644 तथा नॉन-इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के लिए IS 9873 मानक अनिवार्य रूप से लागू होंगे। आपूर्तिकर्ता या विक्रेता के पास वैध बीआईएस लाइसेंस होना आवश्यक है, जिसकी प्रति विद्यालय की एसएमसी/एसडीएमसी को लेनी होगी।
एडीपीसी ने बताया कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर द्वारा जिले को इस हेतु 11.25 लाख रुपये की वित्तीय लिमिट प्राप्त हो चुकी है जिसे आगामी दो कार्य दिवसों के भीतर संबंधित विद्यालयों को आहरण स्वीकृति जारी कर दी जाएगी। संस्था प्रधानों को बजट प्राप्त होने के 5 दिन के भीतर प्रस्ताव लेकर नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण सामग्री का क्रय सुनिश्चित करना होगा। टीएलएम गतिविधि के तहत हुए संपूर्ण व्यय की प्रविष्टि शिक्षा मंत्रालय के प्रबंध पोर्टल पर दर्ज की जाएगी और खरीद के 5 दिन के भीतर उपयोगिता प्रमाण-पत्र भिजवाना अनिवार्य होगा।

एपीसी राजेंद्र प्रसाद नायक ने बताया कि इस सामग्री का मुख्य उद्देश्य शिक्षण को आनंददायी बनाना और बच्चों में करके सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है। शिक्षक स्वयं के निर्देशन और समुचित पर्यवेक्षण में ही बच्चों को सुरक्षित तरीके से सामग्री का उपयोग करवाएंगे, ताकि बच्चे किसी भी वस्तु को मुंह में न लें या निगलें नहीं। इसके साथ ही क्लस्टर स्तर पर होने वाली मासिक समीक्षा और अभिभावक बैठकों के दौरान इन खेल सामग्रियों द्वारा आयोजित की जाने वाली गतिविधियों का प्रदर्शन अभिभावकों के सम्मुख भी प्रस्तुत किया जाएगा।