विप्र फाउंडेशन के शिक्षा संकल्प को मिली नई उड़ान, 102 नवचयनित RAS अधिकारियों का हुआ भव्य सम्मान

मदन मोहन गर्ग

गंगापुर सिटी, स्मार्ट हलचल।विप्र फाउंडेशन के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस श्री परशुराम ज्ञानपीठ, मानसरोवर (जयपुर) में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में हाल ही में चयनित 102 नवचयनित अधिकारियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर गुरु पूर्णिमा से प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए नए बैच की घोषणा भी की गई। इसके साथ ही अब ज्ञानपीठ में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या 125 से बढ़ाकर 250 कर दी गई है, जिससे दोगुने युवाओं को इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ मिलेगा।
समारोह की अध्यक्षता पूर्व पुलिस महानिदेशक ओमेन्द्र भारद्वाज ने की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली युवाओं को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला है। ज्ञानपीठ के कार्यवाहक अध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा ने बताया कि यहां आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क तथा अन्य विद्यार्थियों को आधी फीस पर प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञानपीठ का उद्देश्य केवल अधिकारी बनाना नहीं, बल्कि चरित्रवान, संवेदनशील और राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व तैयार करना है।
मुख्य वक्ता एवं विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने घोषणा की कि श्री परशुराम ज्ञानपीठ की सफलता से प्रेरित होकर विप्र फाउंडेशन देशभर में 10 शिक्षा, संस्कार एवं स्वावलंबन केंद्र स्थापित करेगा, ताकि अधिकाधिक प्रतिभाशाली युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिल सके।
समारोह में विप्र फाउंडेशन जोन 1डी राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हेमंत शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुरेश चंद शर्मा, जिला महामंत्री मदन मोहन शर्मा, बालकृष्ण शर्मा एवं जिला उपाध्यक्ष गोविंद प्रसाद शर्मा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हेमंत शर्मा ने हाल ही में राजस्थान प्रशासनिक सेवा में चयनित ब्राह्मण समाज के प्रतिभाशाली अधिकारियों का प्रतीक चिन्ह एवं दुपट्टा पहनाकर आत्मीय सम्मान किया तथा उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान नई पीढ़ी को उत्कृष्टता, सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि विप्र फाउंडेशन शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्थान के माध्यम से युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का सतत कार्य कर रहा है।
डॉ. हेमंत शर्मा ने इस प्रेरणादायी आयोजन के लिए विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक आदरणीय श्री सुशील ओझा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व, समर्पण और शिक्षा के प्रति संकल्प ने श्री परशुराम ज्ञानपीठ को देशभर के ब्राह्मण समाज की प्रतिभाओं के लिए आशा और अवसर का केंद्र बना दिया है। आज यह संस्थान केवल प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी का केंद्र नहीं, बल्कि समाज के शैक्षिक एवं बौद्धिक पुनर्जागरण का सशक्त अभियान बन चुका है।
कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने चयनित अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी योग्यता, ईमानदारी और जनसेवा की भावना से समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगे।