चित्तौड़गढ़। राजस्थान का प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ जी मंदिर में दर्शन की आस लेकर निकले श्रद्धालुओं का सफर मंगलवार सुबह एक खौफनाक हादसे में बदल गया। चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर श्रद्धालुओं से भरी एक प्राइवेट बस बेकाबू होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में एक श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग दो दर्जन से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि बस की छत पर सवार यात्री सीधे पक्की सड़क पर आ गिरे।
बस बिना किसी रास्ते के सीधे नेशनल हाईवे की तरफ बढ़ गई।
रफ्तार इतनी तेज थी कि बस ने रास्ते में आए डिवाइडर, लोहे की सुरक्षा रेलिंग और बिजली के पोल को जड़ से उखाड़ दिया।
बस मुख्य हाईवे पर जाकर बीच सड़क पर पलट गई।
बस में बैठे यात्री सड़क पर गिरे, टला बड़ा हादसा
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे करीब 20 से 25 यात्री सीधे उड़कर नेशनल हाईवे की पक्की सड़क पर जा गिरे। गनीमत यह रही कि अलसुबह का वक्त होने के कारण हादसे के समय पीछे से कोई दूसरा तेज रफ्तार वाहन नहीं आ रहा था, वरना सड़क पर गिरे ये यात्री उसकी चपेट में आ सकते थे और हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था।
बस हादसे में बारां के रघुवीर की मौत
हादसे के बाद चारों तरफ चीख पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर भादसोड़ा पुलिस और चित्तौड़गढ़ से हाईवे एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया और तुरंत भादसोड़ा सीएचसी तथा सांवलियाजी मंडफिया हॉस्पिटल पहुंचाया गया। इस हादसे में बारां जिले की छबड़ा तहसील के नपनिया निवासी 32 साल के रघुवीर मीणा की दर्दनाक मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल 4 से 5 मरीजों को चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
अलग-अलग राज्यों से सांवलियाजी आए थे श्रद्धालु
बस में सवार सभी यात्री जयपुर, जोधपुर, कोटा, सवाई माधोपुर और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों व जिलों से ट्रेन या अन्य माध्यमों से चित्तौड़गढ़ पहुंचे थे। सांवलिया सेठ के दर्शन के प्रति अटूट आस्था के चलते ये सभी इस बस में सवार हुए थे। हादसे के बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस और मलबे को हाईवे से हटाकर यातायात सुचारू करवाया। पुलिस ने लापरवाह बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये हुए घायल
विजय पुत्र गुलाबचंद बुनकर (सामोद, चौमूं, जयपुर)
प्रिंस (7 साल) पुत्र विनोद बुनकर (सामोद, चौमूं, जयपुर)
सुरेंद्र पुत्र गुलाबचंद बुनकर (सामोद, चौमूं, जयपुर)
सूरज पुत्र राजेंद्र, कोटा
अर्जुन पुत्र संतोष मीणा, नपनिया, बारां
लखन बाग पुत्र राधेश्याम, नपनिया, बारां
पवन पुत्र राजू सेन, नपनिया, बारां
पवन पुत्र राधेश्याम नागर, नपनिया, बारां
जीतू पुत्र कजोड़लाल मीणा, दीगोद, कोटा
कुबेर सिंह पुत्र मोपत सिंह, जयपुर
गिरिराज पुत्र मोरपाल, बामनवास, सवाई माधोपुर
अक्षर पुत्र दीपचंद जाट, फरीदाबाद (हरियाणा)
अमित पुत्र ओमप्रकाश राजपूत, नगला बांस, मुरसान, हाथरस (उत्तर प्रदेश)
