कोटा-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर सर्विस रोड और डिवाइडर के पास अवैध पार्किंग से बढ़ा हादसों का खतरा, ग्रामीण परेशान
शिव जांगिड़
लाडपुरा, स्मार्ट हलचल। कोटा चित्तौड़गढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-27 पर स्थित लाडपुरा चौराहे पर इन दिनों यातायात व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। चौराहे पर सर्विस रोड के पास और लाडपुरा गांव के अंदर जाने वाले मुख्य रास्ते पर बड़े वाहनों को अवैध रूप से खड़ा किया जा रहा है। लापरवाही की हद यह है कि गाड़ियां खड़ी करने वाले लोग स्थानीय या आस-पास के ही ग्रामीण हैं, जो रात के समय अपने भारी वाहनों को सड़क पर ही लावारिस खड़ा कर अपने घर चले जाते हैं। इससे हाईवे और ग्रामीण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा है।

स्थानीय लोगों द्वारा इन वाहन चालकों को बार-बार टोका भी जाता है, लेकिन आस-पास के होने के कारण वे सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ देते हैं। अब ग्रामीणों ने वाहन मालिकों और चालकों से पुरजोर अपील की है कि वे लाडपुरा चौराहे, सर्विस लाइन और लाडपुरा गांव के अंदर जाने वाले रोड पर गाड़ियां खड़ी न करें।
बड़े वाहनों की ओट से नहीं दिखता रास्ता, जान जोखिम में डाल रहे राहगीर
नेशनल हाईवे पर लाडपुरा से भीलवाड़ा जाने वाले मार्ग पर चौराहे के दोनों ओर डिवाइडर के पास बड़े वाहनों के खड़े रहने से आने-जाने वाले चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाडपुरा चौराहे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। हाईवे किनारे इन बड़े वाहनों के खड़े होने की वजह से सामने से आ रहे वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे भीषण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। आमजन को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए रोजाना जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।
खड़े वाहनों के पीछे से अचानक आते हैं आवारा मवेशी, कई गोवंश ने गंवाई जान
सड़क के दोनों ओर डिवाइडर के पास खड़े भारी वाहनों के कारण एक और बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इन वाहनों की ओट से अचानक मवेशी सड़क पर आ जाते हैं, जिससे टकराकर अब तक कई गोवंश की मौत हो चुकी है। रात के समय चौराहे पर मवेशियों का जमावड़ा रहता, जिससे हादसों का अंदेसा और अधिक बढ़ जाता है।
मुश्किलें तब और ज्यादा बढ़ जाती हैं जब रात्रि के समय इस नेशनल हाईवे से वाहन चालक गुजरते हैं और खड़े वाहनों के पीछे से अचानक आवारा जानवर उनके सामने आ जाते हैं। इसके अलावा, कई वाहन चालक लाडपुरा, मांडलगढ़ आदि जगहों पर सड़क मार्ग के दोनों तरफ अपने वाहनों को बीच रास्ते में ही खड़ा कर चाय की थड़ियों पर चले जाते हैं, जो दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण दे रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोनों तरफ डिवाइडर के पास अवैध रूप से खड़े होने वाले इन वाहनों को जल्द से जल्द हटवाने की मांग की है।
