रूणिया बरड़ा में अधजले मतपत्र मिलने से हड़कंप, ग्रामीणों का प्रदर्शन; चुनाव में धांधली के आरोप


मतदान के दिन खुली मतपेटियां मिलने का भी लगाया आरोप, कृष्णा नरेंद्र मीणा बोले- 20 साल तक विधायक के लिए समर्पित रहा, आज उन्हीं की मेहरबानी से हारा


अलकेश पारीक

जहाजपुर|स्मार्ट हलचल|जहाजपुर पंचायत समिति की रूणिया बरड़ा ग्राम पंचायत में बुधवार सुबह मतदान केंद्र के पास अधजले मतपत्र मिलने से हड़कंप मच गया। विद्यालय परिसर के नजदीक मिले मतपत्रों को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सरपंच प्रत्याशी कृष्णा नरेंद्र मीणा ने चुनाव प्रक्रिया में धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग उठाई है।रूणिया बड़ा ग्राम पंचायत में 24 अक्टूबर को विद्यालय में मतदान हुआ था। यह पंचायत विधायक गोपीचंद मीणा के पैतृक गांव सरसिया से पुनर्गठन कर बनाई गई नई ग्राम पंचायत है। चुनाव के बाद अब अधजले मतपत्र मिलने से चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

मतदान के दिन भी जताया था संदेह-
कृष्णा नरेंद्र मीणा ने आरोप लगाया कि मतदान के दिन ही पोलिंग पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर संदेह था। उनके अनुसार, मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद दो मतदान केंद्रों में से एक केंद्र से संबंधित दो मतपेटियां सीलबंद होने के बजाय खुली हुई मिली थीं। इस संबंध में उसी समय जहाजपुर तहसीलदार अमितेश मीणा को शिकायत भी की गई थी।
उन्होंने कहा कि बुधवार सुबह विद्यालय परिसर के पास अधजले और खाली मतपत्र मिलने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सूचना पर थानाधिकारी दयाराम चौधरी मौके पर पहुचे समझाइश की
तहसीलदार अमितेश मीणा भी मौके पर पहुचे ग्रामीणों ने तहसीलदार को शिकायत करते हुए कहा कि पोलिंग पार्टी को तुरंत सस्पेंड किया जाए


20 साल तक विधायक के लिए समर्पित रहा, अब धांधली से हराने का आरोप–

सरपंच प्रत्याशी कृष्णा मीणा के पति नरेंद्र मीणा ने विधायक गोपीचंद मीणा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मतदान के समय से ही उन्हें पोलिंग पार्टी की कार्यप्रणाली पर संदेह था। उन्होंने प्रशासन की मिलीभगत से चुनाव में धांधली होने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। नरेंद्र मीणा ने स्थानीय विधायक गोपीचंद मीणा पर आरोप लगा कर कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से विधायक के साथ जुड़े रहे और वफादारी से काम करते रहे, लेकिन अब उनके साथ ऐसा हुआ। उन्होंने दावा किया कि विधायक की कथित मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं था।


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