हमीरगढ़ जनसुनवाई में बड़े फैसले: सामुदायिक भवन और उप जिला अस्पताल को लेकर प्रशासन सक्रिय

हमीरगढ़ (अल्लाउद्दीन मंसूरी)
भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ एसडीएम कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में बुधवार को आमजन की समस्याओं के समाधान की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। क्षेत्रीय विधायक एवं जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने सीधे ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश जारी किए। रायपुर, सहाड़ा और गंगापुर के दौरों के बाद हमीरगढ़ पहुंची प्रशासनिक टीम ने जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जनसुनवाई के दौरान हमीरगढ़ कस्बे के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की गई। लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी शिक्षा विभाग की भूमि का उपयोग अब ग्रामवासियों की सुविधा के लिए सामुदायिक भवन निर्माण में किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को सामाजिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके साथ ही प्रस्तावित उप जिला अस्पताल को लेकर भी अहम चर्चा हुई। ग्रामीणों ने बताया कि गंगरार सीमा के पास प्रस्तावित अस्पताल हमीरगढ़ से काफी दूर है, जिससे क्षेत्रवासियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा। इस पर जिला कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि हमीरगढ़ के नजदीक उपलब्ध सरकारी भूमि का परीक्षण कर नियमानुसार अस्पताल निर्माण की संभावनाएं तलाश की जाएं।
विधायक लादूलाल पितलिया ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर की मौजूदगी में जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हुआ है और प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। जनसुनवाई में पूर्व उपप्रधान एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष भोपाल सिंह पुरावत ने भी क्षेत्र की कई समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। उन्होंने बताया कि देवली पंचायत जैसे छोटे क्षेत्र में पिछले सवा दो वर्षों में लगभग 26 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनमें कई कार्य प्रगति पर हैं। पुरावत ने जल संरक्षण से जुड़े मुद्दे उठाते हुए क्षेत्र की लगभग 800 वर्ष पुरानी बावड़ी, धर्म नाड़ी, अन्य नाड़ियों तथा वर्ष 1996 में बने एनीकट की मरम्मत की मांग रखी। इस पर जिला कलेक्टर ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके अलावा जर्जर हालत में पहुंच चुके राजोला मिडिल स्कूल सहित अन्य विद्यालयों में नए कमरों की स्वीकृति डीएमएफटी योजना के तहत देने की बात भी सामने आई।
जनसुनवाई में मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा एक मामला भी सामने आया, जहां आर्थिक रूप से कमजोर सत्तू सोहन प्रजापत, जिनके दोनों हाथ करंट हादसे में चले गए थे, उनके लिए इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। वहीं श्मशान भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा, जिस पर प्रशासन ने तहसीलदार को तत्काल अतिक्रमण हटाकर भूमि पंचायत को सौंपने के निर्देश दिए।