भीलवाड़ा में भू-माफियाओं का आतंक: 36 साल पुराने प्लॉट पर जेसीबी से कब्जा, बुजुर्ग को जान से मारने की धमकी

भीलवाड़ा। शहर के सुभाष नगर थाना क्षेत्र स्थित संजय कॉलोनी में एक 66 वर्षीय बुजुर्ग के साथ संगठित भू-माफियाओं द्वारा मारपीट, तोड़फोड़ और जबरन कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित रणजीत सिंह भाटी ने जिला पुलिस अधीक्षक को परिवाद सौंपकर आरोप लगाया है कि दबंगों ने न केवल उनके 36 साल पुराने आवासीय भूखंड पर जेसीबी चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिया, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
प्रार्थी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 1989 में ग्राम भीलवाड़ा की आराजी संख्या 730 में स्थित 25×50 फीट का प्लॉट विधिवत खरीदा था, जिस पर बाद में निर्माण भी किया गया। आरोप है कि 1 मई 2026 को गोपाल शर्मा सहित 15-20 लोगों का समूह जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचा और हथियारों के बल पर जबरन भूखंड में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। विरोध करने पर बुजुर्ग को धक्का देकर गिरा दिया गया और जेसीबी से कुचलने की धमकी दी गई।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप करने के बजाय आरोपियों का साथ दिया और उन्हें धमकाया कि इस जमीन पर उनका कोई अधिकार नहीं है। यहां तक कि थाना प्रभारी से फोन पर बात कराकर भी कोई राहत नहीं दी गई। उल्टा आरोपियों को संरक्षण देते हुए प्लॉट पर कब्जा करवा दिया गया।
रणजीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी गिरोह लंबे समय से शहर में सक्रिय है और बुजुर्गों व कमजोर लोगों की जमीनों पर फर्जी दस्तावेज बनाकर कब्जा करता है। इस मामले में भी यूआईटी अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी पट्टा, साइट प्लान और दस्तावेज तैयार कर लिए गए। पीड़ित द्वारा पूर्व में भी कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित ने बताया कि 4 मई को एसपी ऑफिस के बाहर मुख्य आरोपी ने खुलेआम धमकी दी कि यदि दोबारा शिकायत की तो उसे और उसके परिवार को जिंदा गाड़ दिया जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों से भयभीत बुजुर्ग ने खुद को असहाय बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
प्रार्थी ने मांग की है कि सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच पुलिस उप अधीक्षक स्तर के अधिकारी से कराई जाए और उनके भूखंड से अवैध कब्जा हटाकर उन्हें पुनः कब्जा दिलाया जाए। इसके अलावा संगठित रूप से अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने की भी मांग की गई है।