गुरला खातीखेड़ा में हेडपंप का प्लेटफार्म नीचे से धंसा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

सरपंच से कई बार शिकायत की, कोई सुनवाई नहीं” – ग्रामीण*

*चालू हेडपंप के पास जाने से डर रहे लोग, PHED ग्राम पंचायत जिला प्रशासन से तुरंत मरम्मत की मांग*

गुरला:-स्मार्ट हलचल|भीलवाड़ा जिले की पंचायत समिति सुवाणा की ग्राम पंचायत गुरला के खातीखेड़ा गांव में पेयजल की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। गांव में लगा एकमात्र सरकारी हेडपंप तकनीकी रूप से चालू तो है, लेकिन उसके चारों तरफ बना सीमेंट का प्लेटफार्म पूरी तरह जर्जर हो चुका है। प्लेटफार्म नीचे से धंस गया है और बीच में बड़ा छेद हो गया है। नीचे मिट्टी खिसकने से खाली गड्ढा बन गया है। ऐसे में प्लेटफार्म कभी भी पूरी तरह बैठ सकता है।

*जान जोखिम में डालकर भर रहे पानी*
ग्रामीणों का कहना है कि हेडपंप से पानी तो आ जाता है, लेकिन उसके पास जाना खतरे से खाली नहीं है। जंग लगे पाइप, टूटी हुई सीमेंट की प्लेट और काई के कारण चारों तरफ फिसलन है। बरसात के बाद स्थिति और खराब हो गई है।

ग्रामीण _लादुसिंह, श्रवण सिंह और सतु सिंह_ श्याम लाल सुथार राजु सुथार ने बताया कि _”ये हेडपंप पिछले कई महीनों से इसी हालत में पड़ा है। प्लेटफार्म के नीचे से मिट्टी निकल गई है। अगर कोई भारी बर्तन लेकर पानी भरने जाएगा तो प्लेटफार्म धंस जाएगा। बच्चों और बुजुर्गों को तो हम पास भी नहीं जाने देते।”_

*”सरपंच से शिकायत की, कोई सुनता ही नहीं”*
ग्रामीण _लादू सिंह_ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि _”हमने सरपंच को कई बार इस हेडपंप की शिकायत की। उनको फोटो भी दिखाए और मौके पर भी ले गए। लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं होती। बोलते हैं PHED को लिखेंगे, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब तो डर लगता है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए।”_

ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव की मूलभूत समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। मजबूरी में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर यहीं से पानी भरने को मजबूर हैं।

*बीमारी का भी खतरा*
हेडपंप के चारों तरफ गंदगी, काई और भरे हुए पानी के कारण मच्छर और कीड़े-मकोड़े पनप रहे हैं। टूटे हुए प्लेटफार्म के अंदर गंदगी और मिट्टी जमा हो गई है। ग्रामीणों को डर है कि अगर इसी तरह पानी भरा गया तो दूषित पानी से बीमारियां फैल सकती हैं।

*प्रशासन से मांग*
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर, PHED के अधिशासी अभियंता और ग्राम पंचायत प्रशासन से मांग की है कि हादसा होने से पहले इस हेडपंप के चारों तरफ नया पक्का प्लेटफार्म बनवाया जाए। साथ ही आसपास पक्का नाला और साफ-सफाई की व्यवस्था भी करवाई जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बरसात में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और पंचायत की होगी।