दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@स्मार्ट हलचल।क्षेत्र के मेहरूखुर्द गांव में संचालित बताई जा रही अवैध शराब की ब्रांच के बाहर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब शराब के नशे में धुत दो गुटों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आम रास्ते पर ही भिड़ गए और करीब दो घंटे तक जमकर हंगामा चलता रहा। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा तथा क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के अनुसार मेहरूखुर्द में लंबे समय से संचालित अवैध शराब ब्रांच गांव का माहौल खराब कर रही है। शराब पीने के लिए यहां आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं, जिससे आए दिन विवाद, गाली-गलौज और झगड़े जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। गुरुवार को भी मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया और दोनों पक्षों ने सड़क पर ही हंगामा शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध शराब ब्रांच के सामने से मेहरूकलां-बिसुन्दनी मुख्य मार्ग गुजरता है। इसी रास्ते से मेहरूखुर्द, माधोपुरा और किशनपुरा सहित आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन मेहरूकलां स्थित विद्यालयों में अध्ययन के लिए आते-जाते हैं। ऐसे में शराबियों की भीड़ और उनके द्वारा किए जाने वाले हंगामे से विद्यार्थियों एवं महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि शराब ब्रांच के बाहर आए दिन नशे में धुत लोग अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। वहीं यह स्थान चार रास्तों का प्रमुख संगम होने के कारण यहां हर समय लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद शराबियों के जमावड़े और झगड़ों से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित अवैध शराब ब्रांच निर्धारित समय की परवाह किए बिना लगभग हर समय खुली रहती है, जिससे क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। गांव के लोगों ने प्रशासन एवं आबकारी विभाग से मामले की जांच कर अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने तथा गांव के शांतिपूर्ण माहौल को बनाए रखने की मांग की है।
