“टोल दो, नर्क लो” : हाईवे शौचालय बना मौत का कुआं

बस ड्राइवरों का दर्द – टोल देते हैं, पेशाब करने की जगह नहीं”*
*NHAI की लापरवाही, ठेकेदार की चांदी*

गुरला। स्मार्ट हलचल|राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए बने मुजरास टोल प्लाजा के शौचालय की हालत इतनी खराब है कि ड्राइवर और कंडक्टर मजबूरी में खुले में जाना पसंद करते हैं। टोल वसूली पूरी, लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ लिपापोती जब शौचालय के अंदर का नजारा देखकर रूह कांप गई। फर्श पर गंदगी, बिना नल का वॉश वेसन कचरे से जाम सीट और फर्श पर लटका उखड़ा बिजली बोर्ड।

*ड्राइवरों की जुबानी – “ये शौचालय नहीं, सजा है”*

*दिनेश राव, बस ड्राइवर गंगापुर भीलवाडा* ने बताया हम रोज 10-12 घंटे गाड़ी चलाते हैं। टोल कटता है। लेकिन टोयलेट के लिए इस गंदे टॉयलेट में नहीं जा सकते। बदबू इतनी है कि उल्टी आ जाती है। मजबूरी में झाड़ियों में जाना पड़ता है।”_
*सुरेश पारिक, बस ड्राइवर* ने बताया की मेंटेनेंस के नाम पर लिपापोती होती है। बाहर से पेंट कर देते हैं, अंदर जाकर देखो तो नल टूटे हैं, सीट जाम है
सबसे खतरनाक। बिजली का बोर्ड दीवार से उखड़कर लटक रहा है। पीले-काले तार नंगे हैं। नीचे फर्श मानसून में करंट लगने से मौत तय है।
*सतिश रेबारी, बस ड्राइवर* ने बताया:
रात में महिला यात्री सबसे ज्यादा परेशान होती हैं। उनके लिए कोई सुरक्षित, साफ टॉयलेट नहीं। हमने कई बार टोल कर्मचारियों से कहा, लेकिन वो कहते हैं हमारा काम नहीं है। अगर सुविधा नहीं देनी तो टोल क्यों लेते हो?”_