विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर अवैध निर्माण रोकने की मांग, 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

चित्तौड़गढ़, 29 जून।स्मार्ट हलचल।यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण के विरोध में श्री बालाजी सेवा संस्थान ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संस्थान ने चेतावनी दी है कि सात दिन के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तथा न्यायालय की शरण ली जाएगी।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि दुर्ग की प्राचीर से 200 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में होटलों एवं अन्य व्यावसायिक निर्माण किए जा रहे हैं। संस्थान का कहना है कि संबंधित विभागों की लापरवाही एवं कथित मिलीभगत के कारण संरक्षित क्षेत्र में अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ज्ञापन में धार्मिक स्थलों के विस्तार तथा कुछ स्थानों पर पक्के निर्माण के माध्यम से भूमि पर कब्जे के भी आरोप लगाए गए हैं।

संस्थान ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में चिन्हित सभी अवैध निर्माणों को हटाया जाए, संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए तथा मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही चित्तौड़गढ़ दुर्ग संरक्षण के लिए विशेष निगरानी तंत्र गठित करने की मांग भी की गई।

संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है, जिसके संरक्षण के लिए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन के साथ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।