पत्रकार को अवैध हिरासत में लेना लोकतंत्र पर हमला है!

पुलिस द्वारा पत्रकार को अवैध हिरासत में लिए जाने की घटना की कड़ी निंदा

बायतु।स्मार्ट हलचल|खेमा बाबा प्रेस क्लब के दो सदस्यों को 29 अगस्त के दिन बायतु पुलिस द्वारा अवैध हिरासत में लेने के बाबत आज खेमा बाबा प्रेस क्लब के कार्यकारिणी की अहम बैठक रखी गई जिसमें उपस्थित क्लब अध्यक्ष अशोक धतरवाल उपाध्यक्ष खीयाराम पालीवाल एवं क्लब के सभी सदस्य गण मौजूद थे आज की इस मीटिंग का उद्देश्य किसी भी पत्रकार को अवैध हिरासत में लेना और किसी कवरेज के दौरान किसी पत्रकार को डराना धमकाना और उसके खिलाफ अभद्र व्यवहार करना और उनको अवैध हिरासत में लेने पर अहम बैठक रखी गई और उसमें चर्चा की गई
पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं। किसी पत्रकार को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में लेना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रहार है।

हम मांग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी अधिकारी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया है तो उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए।

प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करें।
पत्रकारों की आवाज़ दबाना बंद करें।
खेमा बाबा प्रेस क्लब बायतु के दो सदस्य को पुलिस द्वारा बिना उचित कानूनी प्रक्रिया एवं स्पष्ट कारण बताए हिरासत में लिए जाने की घटना अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक है। पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनहित से जुड़े मुद्दों को समाज एवं प्रशासन के समक्ष रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो पत्रकारो को दिनांक 29 अगस्त को थाना बायतु की पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। इस दौरान उन्हें हिरासत में लिए जाने के कारण एवं कानूनी आधार के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई/उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। यदि यह तथ्य जांच में सही पाया जाता है, तो यह पत्रकारों के स्वतंत्र एवं निर्भीक रूप से कार्य करने के अधिकार पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।

खेमा बाबा प्रेस क्लब पत्रकार संगठन/प्रेस क्लब प्रशासन से मांग करता है कि—

1. पत्रकार को हिरासत में लिए जाने की घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. हिरासत में लिए जाने के कानूनी कारण एवं पूरी कार्रवाई सार्वजनिक की जाए।
3. यदि किसी पुलिस अधिकारी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया है तो उसके विरुद्ध उचित विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
4. पत्रकारों को अपना कार्य स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में करने की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए।
5. पत्रकार के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की स्थिति में दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए।

पत्रकार संगठन स्पष्ट करता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, लेकिन कानून लागू करते समय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और नागरिकों/पत्रकारों के अधिकारों का पालन किया जाना भी अनिवार्य है।

हम प्रशासन से अपेक्षा करते हैं कि मामले में शीघ्र निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।