पंडेर थाना क्षेत्र में नहीं थम रहा अवैध बजरी का कारोबार, दिनदहाड़े नदी का सीना छलनी कर रहे बजरी माफिया; आखिर किसकी शह पर दौड़ रहे ट्रैक्टर?

पंडेर थाना क्षेत्र से निकलकर जहाजपुर थाना क्षेत्र से गुजर रहे बजरी से भरे ट्रैक्टर, खुलेआम नियमों की उड़ रही धज्जियां, जिम्मेदारों की निगरानी और कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

जहाजपुर अलकेश पारीक

पंडेर।स्मार्ट हलचल|क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तस्वीरें क्षेत्र में चल रहे बजरी के कारोबार की हकीकत बयां कर रही हैं। नदी के बहाव क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही और दिनदहाड़े बजरी का परिवहन होने से जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।हैरानी की बात यह है कि पांडेर थाना क्षेत्र से बजरी से भरे ट्रैक्टर निकलकर जहाजपुर थाना क्षेत्र से होकर गुजर रहे हैं। इसके बावजूद इस गतिविधि पर प्रभावी अंकुश नजर नहीं आ रहा। दिन के उजाले में सड़कों और नदी क्षेत्र से गुजरते बजरी से भरे ट्रैक्टर यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि आखिर इन वाहनों को रोकने की जिम्मेदारी किसकी है?

नदी क्षेत्र में बेखौफ नजर आ रहे बजरी माफिया

क्षेत्र में बजरी परिवहन का यह सिलसिला केवल रात के अंधेरे तक सीमित नहीं है, बल्कि दिनदहाड़े भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बजरी लेकर निकल रही हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि बजरी कारोबारियों को कार्रवाई का कोई भय नहीं है। यदि खनन और परिवहन वैध है तो संबंधित वाहनों के पास वैध रवन्ना और आवश्यक अनुमति होनी चाहिए, लेकिन यदि बिना अनुमति बजरी निकाली और परिवहन की जा रही है तो यह गंभीर मामला है।

दो थाना क्षेत्रों से गुजर रहा कारोबार, फिर भी कार्रवाई कहां?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पंडेर थाना क्षेत्र से निकलने वाले बजरी से भरे वाहन जहाजपुर थाना क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। ऐसे में दोनों थाना क्षेत्रों की पुलिस, खनिज विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस गतिविधि की जांच करें। आखिर किसकी निगरानी में यह कारोबार संचालित हो रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है?

प्रशासन से उठ रहे सीधे सवाल

* नदी क्षेत्र में बजरी का खनन वैध है या अवैध?

* बजरी से भरे ट्रैक्टरों के रवन्ने और परिवहन दस्तावेजों की जांच कब होगी?

* पंडेर से जहाजपुर तक गुजरने वाले वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

* खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कब मौके पर पहुंचकर जांच करेगी?

* क्या इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?

अब देखना यह होगा कि तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस और खनिज विभाग नींद से जागते हैं या फिर बजरी का यह कारोबार इसी तरह दिनदहाड़े चलता रहेगा।