मकानों में दरारें, स्कूल भवन क्षतिग्रस्त; मुआवजा और सख्त कार्रवाई की मांग
चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। चित्तौड़गढ़ तहसील के पुरोहितों का सांवता गांव स्थित रैदास कॉलोनी के समीप कथित अवैध खनन एवं भारी ब्लास्टिंग के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सांसद, विधायक, एसडीएम, तहसीलदार, खनिज विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि रैदास कॉलोनी के निकट संचालित खनन क्षेत्र में लगातार भारी विस्फोट कर खनन कार्य किया जा रहा है, जिससे आसपास के मकानों, धार्मिक स्थलों, विद्यालय भवन तथा कृषि भूमि को नुकसान पहुंच रहा है।
पूर्व सरपंच जगदीशचंद्र पुरोहित ने बताया कि खदान क्षेत्र में भारी विस्फोटों के कारण कई मकानों में दरारें आ गई हैं तथा दीवारों का प्लास्टर झड़ने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुए विस्फोट के दौरान बड़े-बड़े पत्थर खेतों और आबादी क्षेत्र तक आ पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया।
जीएसएस अध्यक्ष रमेश पुरोहित ने बताया कि पूर्व में खदान संचालक को मौखिक रूप से शिकायत कर सावधानी बरतने को कहा गया था, लेकिन इसके बावजूद 9 जून को दोपहर में भारी विस्फोट किया गया। उन्होंने कहा कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बड़े पत्थर गीली कृषि भूमि में लगभग एक फीट तक धंस गए।
ग्रामीणों के अनुसार ब्लास्टिंग से सरकारी विद्यालय भवन को भी नुकसान पहुंचा है। विद्यालय का मिड-डे मील कक्ष क्षतिग्रस्त हो गया तथा खेल मैदान में भी पत्थर गिरे। इसके अलावा बाबा रामदेव मंदिर सहित कई निजी मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि खनन क्षेत्र में हो रही कथित अवैध ब्लास्टिंग को तत्काल रोका जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
