डिब्बाबंद वस्तुओं और कपड़ों पर अनिवार्य जानकारी नहीं मिली, दुकानदारों को थमाए सुधार नोटिस

*महवा, मंडावर और दौसा में प्रतिष्ठानों की जांच, इलेक्ट्रॉनिक सामान पर नियमों की पालना मिली*

 

(अमर चन्द बैरवा)

दौसा|स्मार्ट हलचल|उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और बाजार में नियमों के अनुरूप वस्तुओं की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 12 और 13 अक्टूबर को महवा, मंडावर और दौसा में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कपड़ों एवं अन्य डिब्बाबंद वस्तुओं पर अनिवार्य घोषणाएं अंकित नहीं मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर सभी आवश्यक घोषणाएं नियमानुसार पाई गईं।

विधिक माप विज्ञान अधिकारी नीरज वर्मा ने बताया कि उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को वस्तुओं की सही जानकारी, निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) और माप-तौल से संबंधित नियमों का लाभ सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में विभिन्न प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध वस्तुओं की संख्या, एमआरपी तथा पैकेट पर अंकित अनिवार्य जानकारियों की जांच की गई।

अभियान के दौरान महवा में केसरी फैशन एवं सुपर बी मार्ट, मंडावर में दीपक रेजिमेंट भंडार एवं सैनी फैशन पॉइंट तथा दौसा के आगरा रोड स्थित बड़ाया इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मिक्सी हाउस का निरीक्षण किया गया। जांच में कपड़ों और अन्य डिब्बाबंद वस्तुओं पर डिब्बाबंद वस्तुएं नियम, 2011 के तहत आवश्यक घोषणाएं नहीं मिलने पर संबंधित फर्मों को सुधार नोटिस जारी कर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर आवश्यक घोषणाएं नियमानुसार अंकित मिलीं।

*एमआरपी से अधिक वसूली करने पर होगी कार्रवाई*

अधिकारी नीरज वर्मा ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए विभाग का जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। निर्धारित एमआरपी से अधिक राशि वसूलने और सत्यापित नहीं किए गए माप-तौल उपकरणों का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने व्यापारियों से नियमों का पालन करने, वस्तुओं पर अनिवार्य घोषणाएं अंकित करने तथा उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।