सैनिकों की शहादत से ही देश की सीमाएं सुरक्षित

शहीद लखू सिंह राठौड़ की 37वीं पुण्यतिथि पर घांघू ग्रामवासियों ने दी अमर शहीद को पुष्पांजलि*

बजरंग आचार्य

सादुलपुर :-स्मार्ट हलचल|घांघू गांव में सोमवार को शहीद सैनिक हवलदार लखूसिंह राठौड़ की 37वीं पुण्यतिथि पर ग्रामवासियों ने शहीद लखू सिंह के स्मारक पर पहुंचकर शहीद को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।
इस दौरान भारत माता की जय, शहीद लखू सिंह अमर रहे, देश के अमर शहीद अमर रहें के जयघोष से वातावरण देशभक्ति मय हो गया।

शहीद स्मारक पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में समाजसेवी परमेश्वर लाल दर्जी ने कहा कि हमें शहीदों और देश की सेना का सदैव सम्मान करना चाहिए। शहीदों की शहादत के बदौलत ही हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा की शहीदों के अमर बलिदान से युवा पीढ़ी को देशप्रेम की प्रेरणा लेकर देश सेवा के लिए तैयार रहना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता बीरबल नोखवाल ने बताया कि शहीद हवलदार लखू सिंह राठौड़ भारतीय सेना की पैराशूट 10 रेजीमेंट के पैरा कमांडो हवलदार थे। भारत सरकार द्वारा श्रीलंका में भेजी गई शांति सेना में ऑपरेशन पवन में शामिल थे। 31 अगस्त 1989 को लिट्टे के उग्रवादियों ने पैदल शांति सेना के सैनिकों पर घात लगाकर हमला किया। इस दौरान शहीद लखू सिंह बहादुरी के साथ उग्रवादियों से भिड़े और वहां के लोगों सहित शांति सेना के कमांडिंग ऑफिसर व सैनिकों की सुरक्षा करते हुए सीने में गोलियां झेलते हुए देश सेवा में शहीद हो गए।

शहीद सैनिक हवलदार लखू सिंह राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय घांघू के स्टाफ एवं छात्राओं ने भी रैली के रूप में शहीद स्मारक पर पहुंच कर शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की।

इस मौके पर शिक्षाविद मुरारीलाल बाटू, न्यू राजस्थान स्कूल घांघू के प्रधानाचार्य संजीव कुमार कस्वां, अनिल कुमार जांगिड़, सुनील जांगिड़, रत्न सिंह तंवर, हरीश दर्जी,विकास रेवाड़, दीपाराम, प्रभुदयाल, मंगलचंद, महेंद्र कुमार, रमेश कुमार सहित ग्रामवासियों ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।