राज्य कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की जांच अब दिसंबर के वेतन बिल में होगी,

वित्त विभाग ने अक्टूबर की समय सीमा बढ़ाई, दिसंबर 2026 के वेतन बिल में प्रमाण पत्र अंकित करने के निर्देश

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/जयपुर।स्मार्ट हलचल|राजस्थान सरकार के वित्त विभाग (नियम अनुभाग) ने राज्य के समस्त सेवारत कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की पुनः जांच के लिए समय सीमा बढ़ा दी है। अब जांच संबंधी प्रमाण पत्र अक्टूबर 2026 के स्थान पर दिसंबर 2026 के वेतन बिलों में अंकित किया जाएगा।
वित्त (नियम) विभाग के संयुक्त शासन सचिव हरीश कुमार लालवानी की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी परिपत्र के अनुसार, इससे पहले 5 मई, 6 जुलाई और 15 सितंबर 2026 को जारी परिपत्रों के माध्यम से सभी विभागों को कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की नियमानुसार गहन जांच करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों के तहत कर्मचारियों के सेवा अभिलेखों के आधार पर पुनरीक्षित वेतनमान, पदोन्नति, चयनित वेतनमान तथा एसीपी एवं एमएसीपी सहित विभिन्न अवसरों पर किए गए वेतन निर्धारणों की संबंधित नियमों के अनुरूप पुनः जांच की जानी है। पूर्व में इस जांच का प्रमाण पत्र अक्टूबर 2026 के वेतन बिलों में अंकित करने के निर्देश थे, जिसे अब दिसंबर 2026 के वेतन बिल तक बढ़ा दिया गया है।
*शिक्षक संघ रेसटा ने निर्णय का किया स्वागत*
शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने समय सीमा बढ़ाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे कर्मचारियों एवं संबंधित विभागीय कार्मिकों के लिए राहतकारी कदम बताया। सलावद ने कहा कि वेतन निर्धारण की पुनः जांच में सेवा अभिलेखों, पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी एवं एमएसीपी से जुड़े नियमों का बारीकी से परीक्षण आवश्यक है। जल्दबाजी में जांच करने से त्रुटियों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जांच प्रक्रिया पारदर्शी एवं नियमानुसार पूरी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कोई विसंगति सामने आने पर संबंधित कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए। साथ ही, पूर्व में नियमों के अनुसार किए गए वेतन निर्धारण में संशोधन से पहले संबंधित नियमों एवं तथ्यों का समुचित परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।