3 नवंबर तक सफाई और मरम्मत कार्य पूरे करने के निर्देश, 6 नवंबर से दीपोत्सव तक होगी लाइटिंग
शिवराज बारवाल मीना
टोंक/जयपुर।स्मार्ट हलचल|राजस्थान के सरकारी विद्यालयों को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘विद्यालय सौंदर्यीकरण एवं दीपोत्सव 2026’ अभियान के तहत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों एवं कार्यालयों में दीपावली से पहले साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण के कार्य करवाए जाएंगे। अभियान 22 अक्टूबर से दीपोत्सव तक संचालित होगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने 21 अक्टूबर को जारी निर्देशों में प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे करवाने के निर्देश दिए हैं।
*3 नवंबर तक सफाई और मरम्मत कार्य पूरे करने के निर्देश*
विभागीय निर्देशों के अनुसार, 22 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक विद्यालयों में साफ-सफाई सहित आवश्यक कार्य पूरे करवाए जाएंगे। वहीं, 6 नवंबर से दीपोत्सव तक विद्यालयों में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे दीपावली के अवसर पर विद्यालय परिसर आकर्षक दिखाई दें।
*जनसहयोग और श्रमदान से संवरेगा विद्यालय परिसर*
अभियान में शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, ग्रामवासियों, स्काउट-गाइड, एनएसएस, एनसीसी तथा स्थानीय सामाजिक संगठनों का यथासंभव सहयोग लिया जाएगा। विद्यालय परिसर, खेल मैदान, कक्षा-कक्षों, शौचालयों और पेयजल स्थलों के आसपास विशेष साफ-सफाई करवाई जाएगी। विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छ, सुंदर और प्रेरणादायी वातावरण विकसित करना है।
*अनुपयोगी सामान हटाने और रंग-रोगन पर जोर*
निर्देशों में अनुपयोगी फर्नीचर एवं दरी-पट्टी को नियमानुसार नष्ट करने या नीलाम करने की प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है। आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं रंग-रोगन के कार्य जनसहयोग से करवाए जाएंगे। शौचालयों सहित अन्य स्थानों पर जरूरी मरम्मत के लिए समसा की कंपोजिट ग्रांट का नियमानुसार उपयोग किया जा सकेगा।
*वित्तीय नियमों की पालना अनिवार्य*
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्य राजस्थान लोक उपापन पारदर्शिता अधिनियम, 2012, संबंधित नियम, 2013 तथा सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियमों के अनुरूप किए जाएं। अभियान के क्रियान्वयन के लिए संबंधित जिलों के एडीपीसी एवं बीआरसीएफ से समन्वय स्थापित कर आवश्यक दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाएगी।
*शिक्षक संघ रेसटा ने अभियान का किया स्वागत*
शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित विद्यालय विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, अनुशासन और विद्यालय के प्रति अपनत्व की भावना विकसित करते हैं। सरकारी विद्यालय शिक्षा के केंद्र होने के साथ समाज के विकास के प्रतीक भी हैं। ऐसे अभियानों से विद्यालयों के प्रति आमजन का जुड़ाव बढ़ेगा और जनसहयोग की भावना मजबूत होगी। सलावद ने कहा कि सफाई एवं सौंदर्यीकरण के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वच्छ पेयजल और साफ-सुथरे शौचालयों पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों पर अनावश्यक अतिरिक्त कार्यभार डाले बिना जनसहयोग और उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने तथा आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। शिक्षा विभाग का लक्ष्य सामूहिक श्रमदान एवं जनभागीदारी के माध्यम से सरकारी विद्यालयों को स्वच्छ, सुंदर और प्रेरणादायी बनाना तथा विद्यार्थियों में अपने विद्यालय के प्रति गौरव, अपनत्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।